CPI राज्य सचिव एम. वीरपांडियन ने तमिलनाडु की TVK-led सरकार से हाशिए पर रहने वाले लोगों और श्रमिकों के मुद्दों को प्राथमिकता देने और अपने चुनावी वादों को पूरा करने की मांग की है।

  • CPI ने गरीबों और वंचितों के लिए चुनावी वादों को तुरंत लागू करने की मांग की।
  • कोयंबटूर में नशीली दवाओं के दुरुपयोग और हिंसक अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आह्वान।
  • कोयंबटूर मेट्रो और हाई कोर्ट बेंच सहित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की मांग।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने तमिलनाडु में तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) के नेतृत्व वाली सरकार के लिए एक स्पष्ट संदेश भेजा है। सरकार के कार्यकाल के पहले 100 दिन पूरे होने पर, CPI राज्य सचिव एम. वीरपांडियन ने कोयंबटूर कलेक्टरेट के सामने एक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया और प्रशासन से आग्रह किया कि वह अब केवल बातों के बजाय ठोस कार्रवाई करे।

श्री वीरपांडियन ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार को श्रमिकों, गरीबों और समाज के वंचित वर्गों की समस्याओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि किसी भी सरकार की वैधता इस बात से मापी जाती है कि उसने अपने चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों को कितना निभाया है। CPI नेता ने कहा कि समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए जन-केंद्रित मुद्दों को राजनीतिक दिखावे से ऊपर रखना होगा।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि किसी भी शासन के पहले 100 दिन उसकी शासन शैली के लिए एक लिटमस टेस्ट की तरह होते हैं। TVK सरकार पर अभी दबाव डालकर, CPI सामाजिक कल्याण और बुनियादी ढांचे के इर्द-गिर्द विमर्श बनाने की कोशिश कर रही है, जिससे वह खुद को तमिलनाडु में श्रमिक वर्ग के मुख्य प्रहरी के रूप में स्थापित कर सके।

सामाजिक कल्याण के अलावा, CPI ने क्षेत्र में बढ़ते ड्रग्स के चलन और हिंसक अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त की। कॉलेज छात्र अमुधन की हत्या का जिक्र करते हुए, वीरपांडियन ने पारदर्शी जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जहां पुलिस को न्याय सुनिश्चित करना चाहिए, वहीं समाज के सभी वर्गों को नशीली दवाओं के दुरुपयोग को खत्म करने के लिए मिलकर काम करना होगा।

"किसी सरकार की सफलता की असली माप उसके कार्यकाल की अवधि नहीं, बल्कि उसके सबसे कमजोर नागरिकों के जीवन में आया वास्तविक सुधार है।"

प्रदर्शन के दौरान अंतर-राज्यीय मुद्दों को भी उठाया गया, विशेष रूप से कर्नाटक वन विभाग द्वारा तमिलनाडु-कर्नाटक सीमा के पास तीन लोगों की हत्या का मामला। CPI ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवारों के लिए तत्काल मुआवजे की मांग की, जो सीमावर्ती क्षेत्रों में आजीविका कमाने वालों की असुरक्षा को दर्शाता है।

कोयंबटूर के विकास के संबंध में, CPI ने लंबित परियोजनाओं की एक विस्तृत सूची पेश की। इसमें सिरुवानी और पिल्लूर पेयजल स्रोतों का पुनरुद्धार, पांडियारू-पोन्नम्बलारू और नल्लारु परियोजनाओं का कार्यान्वयन और शहर में हाई कोर्ट बेंच की स्थापना शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने नीलाम्बुर-मदुक्कराई सड़क के विस्तार और पात्र लोगों को मुफ्त हाउस-साइट पट्टा वितरण में तेजी लाने की मांग की।

क्या आप जानते हैं?: सिरुवानी जल स्रोत अपने असाधारण स्वाद और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है, जो इसे पश्चिमी तमिलनाडु के सबसे मूल्यवान जल संसाधनों में से एक बनाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोयंबटूर के लिए मुख्य बुनियादी ढांचा मांगें क्या हैं?
CPI मेट्रो रेल परियोजना के कार्यान्वयन, एक अलग रेलवे डिवीजन के निर्माण और कोयंबटूर में हाई कोर्ट बेंच की स्थापना की मांग कर रही है।

सीमा हत्याओं पर CPI का क्या स्टैंड है?
पार्टी कर्नाटक वन विभाग के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सजा और पीड़ित परिवारों के लिए उचित मुआवजे की मांग करती है।