पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में CJP कार्यकर्ता अब्दुल हफीज के पिता जनाब मलिक की बेरहमी से हत्या के मामले में पुलिस ने पांच और लोगों को गिरफ्तार किया है। पार्टी ने न्यायिक जांच और मृतक की याद में एक विश्व स्तरीय स्कूल बनाने की मांग की है।
- बांकुड़ा में जनाब मलिक की हत्या के मामले में अब तक कुल आठ गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
- CJP कार्यकर्ता अब्दुल हफीज 'स्कूल ठीक करो' अभियान के दौरान हमले का शिकार हुए थे।
- CJP ने भाजपा पर आरोप लगाया है, जबकि सरकार ने हमलावरों को अपराधी बताया है।
- पीड़ित पुत्र ने मुआवजे से इनकार करते हुए पिता के नाम पर स्कूल की मांग की है।
पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में राजनीतिक हिंसा का मामला गहरा गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 25 वर्षीय कार्यकर्ता अब्दुल हफीज के पिता जनाब मलिक की हत्या के सिलसिले में पुलिस ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को पांच और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के साथ ही मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या आठ हो गई है।
यह दुखद घटना 13 अगस्त को इंदुस क्षेत्र में घटी। अब्दुल हफीज CJP के 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत एक स्थानीय सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने गए थे। आरोप है कि रात के समय कुछ हमलावरों ने उन पर हमला किया। जब उनके पिता जनाब मलिक उन्हें बचाने आए, तो हमलावरों ने उन्हें बेरहमी से पीटा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। शनिवार, 15 अगस्त को अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई।
सोमवार सुबह CJP के प्रवक्ता आशुतोष रंका, पूर्वी क्षेत्र के समन्वयक अंकित भारद्वाज और दक्षिण क्षेत्र के नेता विजय मल्लांगी सहित एक प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। अब्दुल हफीज ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि हमलावरों ने उन्हें "पाकिस्तानी आतंकवादी" कहा, उनका फोन छीन लिया और परिवार को बंदूक की नोक पर धमकाया। उन्होंने दावा किया कि यह हमला दिल्ली के जंतर-मंतर पर किए गए विरोध प्रदर्शन का परिणाम है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल में जमीनी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक सत्ता के बीच बढ़ते संघर्ष का प्रतीक है। शिक्षा सुधार जैसे सामाजिक मुद्दे का हिंसक मोड़ लेना यह दर्शाता है कि राज्य में युवा कार्यकर्ताओं को किस तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है। मुआवजे के बजाय स्कूल की मांग करना व्यक्तिगत लाभ से ऊपर उठकर व्यवस्था परिवर्तन की इच्छा को दर्शाता है।
"पहचान का राजनीतिकरण और शैक्षिक सक्रियता को दबाने के लिए हिंसा का उपयोग राज्य में लोकतांत्रिक संवाद के पतन का संकेत है।"
इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। CJP ने स्थानीय भाजपा विधायक निर्मल धारा के गुर्गों पर हमले का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी अपराधी हैं और सरकार उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी अब्दुल हफीज को फोन कर परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
CJP ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं: FIR में named 10 अज्ञात लोगों की 10 दिनों के भीतर गिरफ्तारी, इंदुस पुलिस स्टेशन की भूमिका की न्यायिक जांच, हफीज परिवार के लिए विशेष सुरक्षा और बंगाल के बंद पड़े हजारों स्कूलों को फिर से खोलने की कार्रवाई।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अब्दुल हफीज कौन हैं?
अब्दुल हफीज कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक 25 वर्षीय स्वयंसेवक हैं, जिन्हें बांकुड़ा में शिक्षा अभियान के दौरान निशाना बनाया गया था।
CJP की सरकार से मुख्य मांग क्या है?
पार्टी ने न्यायिक जांच, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और मृतक जनाब मलिक के नाम पर एक विश्व स्तरीय स्कूल की स्थापना की मांग की है।