इजरायल की सत्ताधारी लिकुड पार्टी आगामी आम चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची तय करने के लिए प्राइमरी चुनाव करा रही है। यह प्रक्रिया बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व और आंतरिक शक्ति संघर्ष को दर्शाती है।

  • लिकुड पार्टी आंतरिक प्राइमरी के माध्यम से Knesset के लिए अपनी उम्मीदवार सूची तय कर रही है।
  • प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू आरक्षित सीटों और रणनीतिक समझौतों के माध्यम से नियंत्रण बनाए हुए हैं।
  • इजरायल काट्ज़ और गिदोन सार जैसे कट्टरपंथियों का प्रभाव बढ़ रहा है, जो नीतियों में दाहिने झुकाव का संकेत है।

इजरायल की प्रमुख दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी ने आगामी आम चुनावों के लिए उम्मीदवारों के क्रम को निर्धारित करने के लिए अपने प्राइमरी चुनाव शुरू कर दिए हैं। इजरायल की आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली में, पार्टी सूची में नामों का क्रम अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यही तय करता है कि पार्टी को मिले कुल वोटों के आधार पर 120 सदस्यीय क्नेसेट (Knesset) में किसे सीट मिलेगी।

ऐतिहासिक रूप से, लिकुड पार्टी ने इजरायल की राजनीति को दक्षिणपंथी दिशा में मोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई है। 1977 में मेनाचेम बेगिन द्वारा लेबर-वामपंथी एकाधिकार को तोड़ने के बाद से, लिकुड ने 1982 के लेबनान आक्रमण और वर्तमान गाजा अभियानों जैसे प्रमुख सैन्य अभियानों का नेतृत्व किया है। पार्टी ने वेस्ट बैंक में बस्तियों के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों को चुनौती दी है और कट्टरपंथी समूहों का समर्थन किया है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि ये प्राइमरी चुनाव केवल उम्मीदवारों के चयन के बारे में नहीं हैं, बल्कि बेंजामिन नेतन्याहू की सत्ता पर पकड़ मजबूत करने के बारे में हैं। आरक्षित सीटों का उपयोग करके—आठ स्वयं के लिए और तीन रणनीतिक समझौतों के माध्यम से—नेतन्याहू यह सुनिश्चित करते हैं कि उनके सबसे वफादार और कट्टरपंथी सहयोगी सदस्य मतदान की अनिश्चितता से बचे रहें।

लिकुड प्राइमरी इजरायली दक्षिणपंथ की आक्रामक भूख का पैमाना हैं; कट्टरपंथियों का उदय बस्ती विस्तार के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

आंतरिक राजनीति और भी जटिल है क्योंकि कुछ प्रमुख सहयोगियों के साथ 'सौदे' किए गए हैं। विदेश मंत्री गिदोन सार और रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ को बिना किसी विरोध के सूची में स्थान दिया गया है। काट्ज़, जिन्हें सबसे कट्टरपंथी मंत्रियों में से एक माना जाता है, ने गाजा में मानवीय सहायता पर कड़े प्रतिबंध लगाने और वहां नई बस्तियां बसाने की वकालत की है।

एक अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तित्व, हाइम काट्ज़, भी इस विशेष व्यवस्था का लाभ उठा रहे हैं। नेतन्याहू की तरह, हाइम काट्ज़ भी भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं, फिर भी वे प्रधानमंत्री के अटूट समर्थक बने हुए हैं। ऐसे चेहरों का समावेश यह सुनिश्चित करता है कि लिकुड सूची पूरी तरह से नेतन्याहू की राजनीतिक उत्तरजीविता रणनीति के अनुरूप रहे।

उम्मीदवारमुख्य पद/भूमिकागाजा/वेस्ट बैंक पर रुख
इजरायल काट्ज़रक्षा मंत्रीकट्टरपंथी; गाजा में नई बस्तियों का समर्थन
गिदोन सारविदेश मंत्रीमानवीय सहायता पर प्रतिबंधों का समर्थन
हाइम काट्ज़संविधान समिति अध्यक्षबस्ती विस्तार का प्रबल समर्थक
क्या आप जानते हैं?: इजरायल की आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत, यदि किसी पार्टी को 23.4% वोट मिलते हैं, तो उनकी सूची के शीर्ष 32 उम्मीदवारों को स्वचालित रूप से संसद में सीटें मिल जाती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लिकुड पार्टी की सूची आम चुनाव को कैसे प्रभावित करती है?
यह सूची उम्मीदवारों की प्राथमिकता तय करती है; सूची में नाम जितना ऊपर होगा, पार्टी के वोट शेयर के आधार पर संसद में पहुंचने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।

प्राइमरी चुनावों में बेंजामिन नेतन्याहू की क्या भूमिका है?
नेतन्याहू कई आरक्षित सीटों को नियंत्रित करते हैं और विशिष्ट उम्मीदवारों को नामित कर सकते हैं, जिससे वे पार्टी की विचारधारा को अपनी इच्छानुसार मोड़ सकते हैं।