तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने एक निजी बैंक द्वारा उनके व्यक्तिगत खाते को फ्रीज किए जाने को चुनौती देते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है।
- TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपने व्यक्तिगत बैंक खाते को फ्रीज करने के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
- वकील का दावा है कि निजी बैंक ने उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया।
- सांसद को सुप्रीम कोर्ट से इलाज के लिए विदेश यात्रा की अनुमति मिल चुकी है।
एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम में, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद और डायमंड हार्बर के प्रतिनिधि अभिषेक बनर्जी ने सोमवार, 17 अगस्त 2026 को कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया। उन्होंने एक निजी बैंक द्वारा उनके व्यक्तिगत बैंक खाते को कथित तौर पर फ्रीज किए जाने के खिलाफ याचिका दायर कर तत्काल सुनवाई की मांग की है।
जस्टिस कृष्णा राव के समक्ष पेश होते हुए, सांसद के वकील अयान भट्टाचार्य ने तर्क दिया कि निजी बैंक ने बिना किसी उचित प्रक्रिया के खाते को फ्रीज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई के पीछे कोई पुलिस निर्देश या आधिकारिक सरकारी आदेश नहीं था, जिससे यह बैंक की एक मनमानी कार्रवाई प्रतीत होती है।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह मामला राजनीतिक हस्तियों और वित्तीय संस्थानों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। यह समय और भी संवेदनशील है क्योंकि श्री बनर्जी को सुप्रीम कोर्ट से चिकित्सा कारणों से विदेश यात्रा की अनुमति मिली है। वित्तीय संसाधनों तक पहुंच न होना उनके इलाज और यात्रा की व्यवस्था में बाधा डाल सकता है।
"बिना किसी न्यायिक या कानून प्रवर्तन आदेश के व्यक्तिगत बैंक खाते को फ्रीज करना उचित प्रक्रिया और वित्तीय अधिकारों का संभावित उल्लंघन है।"
सुनवाई के दौरान, जस्टिस राव ने पूछा कि क्या सांसद के खिलाफ कोई जांच चल रही है। वकील भट्टाचार्य ने जवाब दिया कि हालांकि जांच जारी है, लेकिन उच्च न्यायालय ने उन्हें दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा प्रदान की है और वह अदालत द्वारा निर्धारित सभी शर्तों का पालन कर रहे हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: अभिषेक बनर्जी पिछले कुछ वर्षों में केंद्रीय एजेंसियों की कई हाई-प्रोफाइल जांचों के केंद्र में रहे हैं। उनकी कानूनी लड़ाई अक्सर कलकत्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के बीच चलती रही है, जिसमें मुख्य रूप से जांच की आवश्यकता और राजनीतिक प्रतिशोध के खिलाफ मौलिक अधिकारों की रक्षा के बीच संतुलन पर बहस होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा क्यों खटखटाया?
उन्होंने एक निजी बैंक द्वारा अपने व्यक्तिगत खाते को बिना उचित प्रक्रिया के फ्रीज किए जाने को चुनौती दी है।
प्रश्न 2: उनकी विदेश यात्रा की क्या स्थिति है?
सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें चिकित्सा उपचार के लिए तीन सप्ताह के लिए विदेश जाने की अनुमति दे दी है।