भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी वही पुरानी मानसिकता दिखा रही है जिसने उन्हें मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन करने पर मजबूर किया था। यह विवाद 'वंदे मातरम' के पूर्ण गान के प्रति कांग्रेस के कथित रुख को लेकर शुरू हुआ है।

  • भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान का आरोप लगाया।
  • 'वंदे मातरम' के पूर्ण गायन को लेकर कांग्रेस मुख्यालय में हुए घटनाक्रम पर विवाद खड़ा हुआ है।
  • प्रसाद ने कांग्रेस की तुलना 1936-37 के मुस्लिम लीग गठबंधन वाली मानसिकता से की।
  • कांग्रेस पर प्रधानमंत्री मोदी के प्रति नफरत और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया गया।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को कांग्रेस पार्टी पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस वही पुरानी 'तुष्टीकरण वाली मानसिकता' से ग्रस्त है, जिसने ऐतिहासिक रूप से उन्हें मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन करने के लिए प्रेरित किया था। यह विवाद कांग्रेस मुख्यालय में 15 अगस्त के दौरान हुए एक कथित घटनाक्रम के बाद गरमा गया है, जहाँ सोनिया गांधी द्वारा 'वंदे मातरम' के पूर्ण पाठ का विरोध करने के संकेत मिले थे।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस अब केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना नहीं करती, बल्कि उनके प्रति घृणा रखती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने वोट बैंक की राजनीति के लिए राष्ट्रीय हितों के साथ समझौता कर रही है और वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) को वैचारिक समर्थन दे रही है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह विवाद?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह विवाद केवल एक गीत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों और उनकी पवित्रता को लेकर चल रही गहरी राजनीतिक और वैचारिक लड़ाई का हिस्सा है। 'वंदे मातरम' को स्वतंत्रता संग्राम का प्रेरणास्रोत माना जाता है, और इसके पूर्ण पाठ को लेकर उठने वाले सवाल देश की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े हैं।

कांग्रेस पार्टी अब राष्ट्रीय प्रतीकों के खिलाफ खड़ी हो रही है, जो देश के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल उठाता है।

प्रसाद ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि 1936-37 के दौरान कांग्रेस ने मुस्लिम लीग के साथ जो समझौता किया था, उसके कारण लीग ने दबाव बनाया था कि 'वंदे मातरम' की केवल दो पंक्तियाँ ही गाई जाएं क्योंकि शेष भाग उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत करता था। उन्होंने याद दिलाया कि भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा में स्पष्ट किया था कि 'जन गण मन' राष्ट्रगान होगा और 'वंदे मातरम' राष्ट्रीय गीत होगा।

भाजपा नेता ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर भी निशाना साधा, जिन्होंने गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान केवल दो छंदों के गायन का समर्थन किया था। प्रसाद ने तर्क दिया कि यदि कांग्रेस खुद को स्वतंत्रता आंदोलन का एकमात्र संरक्षक मानती है, तो उसे राष्ट्रीय प्रतीकों के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए।

क्या आप जानते हैं?: 'वंदे मातरम' को भारत के राष्ट्रीय गीत का दर्जा 1950 में संविधान सभा द्वारा दिया गया था, और इसे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने लिखा था।

Frequently Asked Questions

1. रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस की तुलना किससे की?
प्रसाद ने कांग्रेस की तुलना उस मानसिकता से की जिसने उन्हें 1936-37 में मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन करने पर मजबूर किया था।

2. 'वंदे मातरम' विवाद का मुख्य कारण क्या है?
विवाद का मुख्य कारण कांग्रेस नेताओं द्वारा 'वंदे मातरम' के पूर्ण पाठ के बजाय केवल कुछ छंदों के गायन का समर्थन करना है।