बीआरएस नेता हरीश राव ने राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि धारा 22A के तहत जमीनों को प्रतिबंधित सूची में डालने से लाखों लोग संकट में हैं और कांग्रेस नेता कमीशन मांग रहे हैं।

  • बीआरएस ने राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी के इस्तीफे की मांग की है।
  • धारा 22A के तहत लाखों निजी संपत्तियों को प्रतिबंधित सूची में शामिल किया गया है।
  • हरीश राव ने कांग्रेस नेताओं पर 30% कमीशन और विकास अधिकार मांगने का आरोप लगाया।
  • हैदराबाद, रंगारेड्डी और मेडचल जिलों में सबसे अधिक संपत्ति प्रभावित हुई है।

तेलंगाना में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी से उनके पद से इस्तीफे की मांग की है। बीआरएस का आरोप है कि राजस्व मंत्री ने धारा 22A के तहत लाखों भूमि स्वामियों की संपत्तियों को प्रतिबंधित सूची में शामिल करके भारी भ्रम और चिंता पैदा की है।

मंगलवार को मल्काजीगिरी में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान, विधानसभा में पार्टी के उप सदन नेता टी. हरीश राव ने सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 2008 में शहरी भूमि सीमा अधिनियम (Urban Land Ceiling Act) को समाप्त कर दिया गया था, तो अब इन जमीनों को प्रतिबंधित सूची में क्यों शामिल किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि हजारों सरकारी आदेशों (G.O.s) के माध्यम से हैदराबाद, रंगारेड्डी और मेडचल जिलों में लाखों निजी संपत्तियों को इस सूची में डाल दिया गया है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that this administrative move has direct implications for the real estate stability and the financial security of the middle class in Telangana. The sudden inclusion of properties under the prohibited list effectively freezes the liquidity of land assets, making it impossible for owners to sell or develop their property.

"यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं है, बल्कि यह मध्यम वर्ग के सपनों और उनकी मेहनत की कमाई पर सीधा हमला है।"

हरीश राव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के नेता इन जमीनों को प्रतिबंधित सूची से हटाने के बदले में 30% भूमि मूल्य और विकास अधिकार (development rights) की मांग कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल माफी मांगना पर्याप्त नहीं होगा, क्योंकि इस निर्णय ने लाखों गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को संकट में डाल दिया है जिन्होंने फ्लैट और प्लॉट खरीदे थे।

प्रदर्शन में मल्काजीगिरी के विधायक मरी राजशेखर रेड्डी, कलेरू वेंकटेश यादव और अन्य प्रमुख नेता शामिल थे। आंकड़ों के अनुसार, रंगारेड्डी जिले में लगभग 7,500 और मेडचल में 6,000 से अधिक संपत्तियां इस विवाद में शामिल हैं, जिनमें HMDA और HUDA की भूमि भी शामिल है।

Did You Know?: धारा 22A पंजीकरण अधिनियम की वह धारा है जो कुछ विशिष्ट संपत्तियों के पंजीकरण को प्रतिबंधित करती है, जिससे उनके स्वामित्व का हस्तांतरण कठिन हो जाता है।

Frequently Asked Questions

1. धारा 22A क्या है? यह पंजीकरण अधिनियम की एक धारा है जो कुछ संपत्तियों के हस्तांतरण या पंजीकरण को प्रतिबंधित करती है।

2. बीआरएस का मुख्य आरोप क्या है? बीआरएस का आरोप है कि कांग्रेस नेता जमीनों को सूची से हटाने के लिए अवैध कमीशन की मांग कर रहे हैं।