कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पीएम केयर्स फंड में जमा ₹8,450 करोड़ से अधिक की राशि के उपयोग न होने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने तर्क दिया कि इस धन का उपयोग ग्रामीण स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए किया जाना चाहिए।
- पीएम केयर्स फंड में 2024-25 में ₹8,452.07 करोड़ जमा हैं।
- कॉकरोच जनता पार्टी ने ग्रामीण स्कूलों की बदहाल स्थिति पर चिंता जताई है।
- अभिजीत दीपके ने फंड के उपयोग और स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी के बीच विरोधाभास को उजागर किया है।
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने देश के पीएम केयर्स फंड (PM CARES Fund) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एक हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए, दीपके ने आरोप लगाया है कि इस फंड में ₹8,450 करोड़ से अधिक की राशि बिना किसी स्पष्ट उपयोग के पड़ी हुई है, जबकि देश के ग्रामीण इलाकों में सरकारी स्कूल बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपातकालीन स्थिति में राहत कोष (PM CARES) की कुल राशि वर्ष 2023-24 के ₹7,173.03 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में ₹8,452.07 करोड़ हो गई है। यह 17.8% की महत्वपूर्ण वृद्धि को दर्शाता है। दीपके ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा कि उन्होंने हाल ही में कई ग्रामीण स्कूलों का दौरा किया, जहां बच्चों को पीने के पानी जैसी न्यूनतम आवश्यकताओं के लिए भी जूझना पड़ रहा है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह मुद्दा केवल वित्तीय प्रबंधन का नहीं, बल्कि सार्वजनिक जवाबदेही का है। जब एक तरफ सरकार स्कूलों में बुनियादी ढांचे की कमी का हवाला देकर बजट की कमी की बात करती है, और दूसरी तरफ एक विशाल राहत कोष बिना उपयोग के जमा रहता है, तो यह नीतिगत विरोधाभास पैदा करता है। यह सीधे तौर पर देश के भविष्य यानी स्कूली बच्चों के विकास को प्रभावित करता है।
अगर यह जनता का पैसा है, तो इसका उपयोग नए स्कूल बनाने और मौजूदा स्कूलों की मरम्मत के लिए क्यों नहीं किया जा सकता?
अभिजीत दीपके ने अधिकारियों के उस दावे को चुनौती दी है जिसमें कहा गया था कि स्कूलों में सुविधाओं के अभाव का कारण धन की कमी है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि फंड की कमी नहीं है, तो फिर ग्रामीण स्कूलों की हालत इतनी जर्जर क्यों है? कॉकरोच जनता पार्टी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर स्पष्ट किया कि यह समस्या धन की नहीं, बल्कि 'इच्छाशक्ति की कमी' की है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
PM CARES Fund की स्थापना कोविड-19 महामारी के दौरान की गई थी। इसे एक निजी कोष के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जो अक्सर पारदर्शिता और ऑडिटिंग को लेकर विवादों के घेरे में रहता है। आलोचकों का तर्क है कि चूंकि यह सरकारी बजट का हिस्सा नहीं है, इसलिए इसका सार्वजनिक उपयोग और जवाबदेही सुनिश्चित करना कठिन हो जाता है।
Frequently Asked Questions
1. पीएम केयर्स फंड में वर्तमान में कितनी राशि है?
ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2024-25 के लिए इस फंड में लगभग ₹8,452.07 करोड़ की राशि है।
2. कॉकरोच जनता पार्टी की मुख्य मांग क्या है?
CJP की मांग है कि इस फंड का उपयोग ग्रामीण सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे, जैसे पेयजल और भवन निर्माण में किया जाए।