दिल्ली में विशेष गहन संशोधन (SIR) की समयसीमा में तीसरी बार बदलाव किया गया है। अब ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 अगस्त को प्रकाशित होगी और अंतिम सूची 4 नवंबर को जारी की जाएगी।

  • दिल्ली SIR कार्यक्रम की समयसीमा में तीसरी बार संशोधन किया गया है।
  • ड्राफ्ट मतदाता सूची अब 24 के बजाय 31 अगस्त को जारी होगी।
  • अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन अब 27 अक्टूबर के बजाय 4 नवंबर को होगा।
  • लगभग 33% मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की संभावना है।

नई दिल्ली: दिल्ली में चल रहे विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया के कार्यक्रम में बुधवार को एक बार फिर बदलाव किया गया है। चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित समयसीमा को एक सप्ताह के लिए आगे बढ़ा दिया गया है, जिससे ड्राफ्ट और अंतिम मतदाता सूचियों के प्रकाशन की तारीखें बदल गई हैं। यह राजधानी में इस प्रक्रिया के शुरू होने के बाद तीसरी बार किया गया संशोधन है।

संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, मतदान केंद्रों के युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्था का कार्य जो 17 अगस्त तक पूरा होना था, अब 24 अगस्त तक चलेगा। इसके बाद, ड्राफ्ट मतदाता सूची अब 24 अगस्त के बजाय 31 अगस्त को प्रकाशित की जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव अंतिम सूची को लेकर है, जो अब 27 अक्टूबर के बजाय 4 नवंबर को जारी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यह विस्तार मतदान केंद्रों के बेहतर प्रबंधन और युक्तिकरण के लिए अतिरिक्त समय देने के उद्देश्य से किया गया है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह संशोधन चुनावी पारदर्शिता और डेटा सटीकता के लिए महत्वपूर्ण है। SIR सर्वेक्षण के दौरान, लगभग 97.51 लाख मतदाताओं के फॉर्म एकत्र किए गए, जो कि कुल 1.45 करोड़ मतदाताओं का लगभग 67% है। शेष 47.58 लाख मतदाता (लगभग 33%) जिन्हें 'uncollectible' (अग्राह्य) के रूप में चिह्नित किया गया है, उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं। इसमें वे लोग शामिल हैं जो अनुपस्थित हैं, स्थानांतरित हो गए हैं, जिनकी मृत्यु हो गई है, या जिनके नाम डुप्लिकेट हैं।

मतदाता सूची का यह व्यापक शुद्धिकरण भविष्य के चुनावों में फर्जी मतदान और दोहराव को रोकने के लिए एक आवश्यक कदम है।

यह प्रक्रिया अन्य मेट्रो शहरों की तुलना में दिल्ली के लिए कम आक्रामक है। जहाँ बेंगलुरु में 45%, हैदराबाद में 41% और मुंबई में 35% नाम कटने की संभावना है, वहीं दिल्ली में यह अनुमानित आंकड़ा लगभग 33% है।

शहरअनुमानित नाम हटाने का प्रतिशत (%)
बेंगलुरु45%
हैदराबाद41%
मुंबई35%
दिल्ली33%

जिन मतदाताओं के फॉर्म अधूरे हैं, उन्हें अगले दो महीनों में नोटिस भेजे जाएंगे ताकि वे अपनी पात्रता सिद्ध कर सकें। यदि कोई वास्तविक मतदाता गलती से ड्राफ्ट सूची से बाहर हो जाता है, तो वह दावा और आपत्ति अवधि के दौरान अपना नाम फिर से जुड़वा सकता है।

Did You Know?: दिल्ली में SIR प्रक्रिया के दौरान लगभग 1.45 करोड़ मतदाताओं का डेटाबेस कवर किया गया था, जो भारत के सबसे बड़े शहरी मतदाता आधारों में से एक है।

Frequently Asked Questions

1. दिल्ली में नई मतदाता सूची कब आएगी?
ड्राफ्ट सूची 31 अगस्त को और अंतिम सूची 4 नवंबर को जारी होगी।

2. यदि मेरा नाम सूची से कट गया है तो मैं क्या करूँ?
आप 31 अगस्त से 30 सितंबर के बीच दावा और आपत्ति दर्ज कर सकते हैं और अपनी पात्रता के प्रमाण प्रस्तुत कर सकते हैं।