केंद्र सरकार ने मंत्रियों के सोशल मीडिया प्रदर्शन की एक विस्तृत रिपोर्ट कैबिनेट बैठक में पेश की है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी प्लेटफार्मों पर सबसे अधिक जुड़ाव के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया है।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंस्टाग्राम, एक्स और फेसबुक पर सबसे सक्रिय और प्रभावशाली रहे।
  • यह मूल्यांकन 1 मई से 15 अगस्त 2026 के बीच की डिजिटल गतिविधि पर आधारित था।
  • सरकार अब युवाओं तक पहुँचने के लिए 'क्रिएटर-स्टाइल' और अनौपचारिक वीडियो प्रारूपों पर जोर दे रही है।

नई दिल्ली में आयोजित हालिया कैबिनेट बैठक के दौरान, केंद्र सरकार ने मंत्रियों के सोशल मीडिया प्रदर्शन की एक व्यापक रैंकिंग रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और फेसबुक पर अपनी सक्रियता और जुड़ाव (engagement) के आधार पर शीर्ष स्थान हासिल किया है।

यह मूल्यांकन विशेष रूप से 1 मई से 15 अगस्त 2026 के बीच की अवधि के लिए किया गया था। रिपोर्ट में केवल कैबिनेट मंत्रियों की तुलना ही नहीं की गई, बल्कि इसमें जमीनी स्तर के नेताओं से लेकर देश के शीर्ष राजनीतिक हस्तियों तक के डिजिटल प्रभाव का विश्लेषण किया गया है। मूल्यांकन के मापदंडों में दैनिक पोस्ट की औसत संख्या, कुल जुड़ाव, प्रति पोस्ट औसत जुड़ाव, लाइक्स और फॉलोअर्स की संख्या शामिल थी।

युवाओं को साधने की नई रणनीति

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सरकार की यह डिजिटल रणनीति हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों के बाद और अधिक आक्रामक हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों को निर्देश दिया है कि वे उन प्लेटफार्मों पर अधिक सक्रिय हों जिनका उपयोग युवा पीढ़ी करती है। हाल ही में, पीएम मोदी के इंस्टाग्राम वीडियो, जो बहुत ही अनौपचारिक और 'क्रिएटर-स्टाइल' में थे, ने इस बदलाव को स्पष्ट रूप से दर्शाया है।

डिजिटल संवाद का यह नया स्वरूप पारंपरिक राजनीतिक संदेशों के बजाय अधिक स्वाभाविक और बातचीत करने वाले अंदाज पर केंद्रित है।

रिपोर्ट के अनुसार, सरकार अब भारी-भरकम संपादन वाले वीडियो के बजाय कम संपादित और अधिक वास्तविक दिखने वाले शॉर्ट-फॉर्म वीडियो को प्राथमिकता दे रही है। उदाहरण के तौर पर, 7 अगस्त को विदेश मंत्रालय द्वारा स्नैपचैट पर अपनी उपस्थिति बढ़ाने की घोषणा इसी व्यापक डिजिटल विस्तार का हिस्सा है।

Why This Matters

भारत की विशाल युवा आबादी को देखते हुए, इंस्टाग्राम जैसे विजुअल-ड्रिवन प्लेटफॉर्म राजनीतिक संचार के लिए अनिवार्य हो गए हैं। टेक्स्ट-आधारित अपडेट के बजाय, रील्स और शॉर्ट वीडियो के माध्यम से सरकार अब सीधे युवाओं के डिजिटल इकोसिस्टम में प्रवेश कर रही है, जिससे सूचनाओं का प्रसार अधिक व्यापक और अनौपचारिक हो गया है।

Did You Know?: इंस्टाग्राम का एल्गोरिदम कंटेंट को उन लोगों तक भी पहुँचाता है जो आपको फॉलो नहीं करते, जिससे राजनीतिक नेताओं की पहुंच तेजी से बढ़ती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: इस रैंकिंग का आधार क्या था?
उत्तर: यह रैंकिंग इंस्टाग्राम, एक्स और फेसबुक पर पोस्ट की संख्या, लाइक्स, फॉलोअर्स और जुड़ाव (engagement) के आंकड़ों पर आधारित थी।

प्रश्न 2: सरकार सोशल मीडिया पर बदलाव क्यों कर रही है?
उत्तर: सरकार का उद्देश्य युवाओं के साथ अधिक अनौपचारिक और सीधा संवाद स्थापित करना है, विशेष रूप से शॉर्ट-फॉर्म वीडियो के माध्यम से।