यूक्रेन के पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव ने युद्ध के बावजूद लोकतांत्रिक चुनाव कराने की मांग कर राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती पेश कर दी है।
- पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव ने युद्ध के दौरान चुनाव कराने की मांग की है।
- यूक्रेन के वर्तमान कानून युद्ध के समय चुनाव कराने पर रोक लगाते हैं।
- फेडोरोव का यह बयान राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के लिए एक बड़ी आंतरिक राजनीतिक चुनौती है।
- देश में फेडोरोव के समर्थन में विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
यूक्रेन के पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव ने एक चौंकाने वाले संबोधन में युद्ध के दौरान ही देश में चुनाव कराने की मांग की है। मंगलवार को यूट्यूब पर जारी अपने वीडियो में, फेडोरोव ने तर्क दिया कि यूक्रेन का लोकतंत्र रूस द्वारा बंधक नहीं बनाया जा सकता। यह मांग 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद से किसी प्रमुख यूक्रेनी राजनीतिक नेता द्वारा की गई पहली ऐसी मांग है।
35 वर्षीय फेडोरोव, जो अब तक राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के करीबी सहयोगी माने जाते थे, उन्हें जुलाई में अचानक रक्षा मंत्रालय से हटा दिया गया था। उनकी बर्खास्तगी ने पूरे देश में विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया है। फेडोरोव ने अपने वीडियो में कहा कि यूक्रेन को एक 'कानूनी, सुरक्षित और यथार्थवादी तंत्र' खोजने की आवश्यकता है ताकि लंबे युद्ध की स्थितियों में भी पूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया को फिर से शुरू किया जा सके।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि फेडोरोव का यह कदम केवल चुनावी मांग नहीं है, बल्कि यह यूक्रेन के भीतर शासन व्यवस्था के संकट को उजागर करता है। फेडोरोव ने भ्रष्टाचार और बदलाव से डरने वाली संस्थाओं का उल्लेख करते हुए एक 'प्रणालीगत शासन संकट' की बात की है। यह स्थिति राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की की नेतृत्व क्षमता और युद्ध के समय लोकतांत्रिक वैधता के बीच एक गहरा संघर्ष पैदा कर सकती है।
यूक्रेन में लोकतंत्र और युद्धकालीन सुरक्षा के बीच का संतुलन अब एक नाजुक मोड़ पर है।
गौरतलब है कि ज़ेलेंस्की का कार्यकाल मई 2024 में समाप्त हो गया था, लेकिन मार्शल लॉ के कारण चुनावों को स्थगित कर दिया गया है। फेडोरोव की बर्खास्तगी के बाद, ज़ेलेंस्की ने येवहेनी खमारा को कार्यवाहक रक्षा मंत्री नियुक्त किया है। हालांकि, फेडोरोव ने स्पष्ट किया है कि वे सरकार में केवल रक्षा मंत्री के रूप में ही वापसी करेंगे।
Historical Background
2022 में रूस के आक्रमण के बाद से, यूक्रेन ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मार्शल लॉ लागू किया है, जिसके तहत चुनावों पर प्रतिबंध है। इस दौरान राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की की भूमिका और शक्ति में अत्यधिक वृद्धि हुई है, जिससे राजनीतिक विरोधियों के लिए अपनी आवाज़ उठाना कठिन हो गया है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या यूक्रेन में युद्ध के दौरान चुनाव कराना कानूनी है?
उत्तर: वर्तमान यूक्रेनी कानून युद्ध के समय चुनावों को प्रतिबंधित करता है।
प्रश्न 2: मिखाइलो फेडोरोव को क्यों हटाया गया था?
उत्तर: आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं है, लेकिन माना जाता है कि सैन्य नेतृत्व के साथ उनके तनाव के कारण उन्हें हटाया गया।