अमरावती के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पेनुमाका के आठ किसानों ने लैंड पूलिंग स्कीम के तहत 7.10 एकड़ भूमि देने की सहमति प्रदान की है।

  • पेनुमाका के 8 किसानों ने 7.10 एकड़ भूमि का योगदान दिया।
  • भूमि का उपयोग राजधानी विकास, मुख्य सड़क नेटवर्क और बाढ़ प्रबंधन के लिए किया जाएगा।
  • सहमति पत्र APCRDA अतिरिक्त आयुक्त कोलाबट्टुल कर्थिक को सौंपे गए।

आंध्र प्रदेश की महत्वाकांक्षी राजधानी अमरावती के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित करते हुए, पेनुमाका के आठ किसानों ने स्वेच्छा से अपनी भूमि का योगदान देने का निर्णय लिया है। आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (APCRDA) ने बुधवार को पुष्टि की कि इन किसानों ने 'लैंड पूलिंग स्कीम' (LPS) के तहत कुल 7.10 एकड़ भूमि सौंपने के लिए अपने सहमति पत्र जमा कर दिए हैं।

यह ऐतिहासिक कदम रायपुडी स्थित APCRDA मुख्यालय में आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम के दौरान उठाया गया। किसानों ने अपने सहमति पत्र अतिरिक्त आयुक्त कोलाबट्टुल कर्थिक को सौंपे, जिसमें राजधानी के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए अपनी भूमि सौंपने की स्पष्ट इच्छा व्यक्त की गई। इस अवसर पर पेनुमाका की विशेष उप-कलेक्टर के. सुधराणी भी उपस्थित थीं।

भूमि का रणनीतिक आवंटन

साझा की गई 7.10 एकड़ भूमि का उपयोग राजधानी के विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यों के लिए किया जाएगा। विस्तृत विवरण इस प्रकार है:

  • 0.54 एकड़: राजधानी क्षेत्र में किसानों के लिए विकसित किए जा रहे LPS ज़ोन के अंतर्गत।
  • 3.07 एकड़: प्रस्तावित ट्रंक रोड नेटवर्क (मुख्य सड़क नेटवर्क) के निर्माण के लिए।
  • 2.12 एकड़: भविष्य की सुरक्षा के लिए बाढ़ प्रबंधन परियोजनाओं (Flood Management Projects) हेतु।

यह विकास कार्य अमरावती LPS 1 का हिस्सा है। उल्लेखनीय है कि इस गांव के कुछ ग्रामीणों ने 2019 से पहले इस योजना में भागीदारी नहीं की थी, लेकिन अब बढ़ते शहरीकरण और विकास की संभावनाओं को देखते हुए वे इस मिशन का हिस्सा बन रहे हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि पेनुमाका के किसानों का यह निर्णय अमरावती के पुनरुद्धार के लिए एक मनोवैज्ञानिक जीत है। जब स्थानीय किसान स्वेच्छा से भूमि सौंपते हैं, तो यह सरकार की भूमि अधिग्रहण नीतियों और भविष्य के शहरी नियोजन के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाता है। यह कदम न केवल बुनियादी ढांचे के निर्माण को गति देगा, बल्कि अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक उदाहरण पेश करेगा।

स्थानीय समुदायों का भूमि पूलिंग योजनाओं में स्वैच्छिक सहयोग ही आधुनिक और टिकाऊ स्मार्ट शहरों के निर्माण की असली कुंजी है।
Did You Know?: अमरावती को भारत के सबसे आधुनिक और नियोजित स्मार्ट शहरों में से एक के रूप में डिजाइन किया गया है, जिसमें हरित क्षेत्र और जल प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया है।

Frequently Asked Questions

1. पेनुमाका के किसानों ने कितनी भूमि दान की है?
आठ किसानों ने कुल 7.10 एकड़ भूमि लैंड पूलिंग स्कीम के तहत प्रदान की है।

2. इस भूमि का मुख्य उपयोग क्या होगा?
इस भूमि का उपयोग मुख्य रूप से सड़क नेटवर्क, बाढ़ प्रबंधन और विकास क्षेत्र के विस्तार के लिए किया जाएगा।