अमेरिकी यूनियनों ने ट्रंप प्रशासन की नई वीज़ा नीति को चुनौती देते हुए मुकदमा दायर किया है, जो विदेशी छात्रों और पत्रकारों की अवधि को सीमित करती है।

  • छात्र और एक्सचेंज वीज़ा अब अधिकतम 4 वर्ष के लिए सीमित होंगे।
  • पत्रकारों के लिए वीज़ा की अवधि घटकर केवल 240 दिन रह जाएगी।
  • यूनियनों ने इस कदम को शिक्षा और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया है।

संयुक्त राज्य अमेरिका में यूनियनों और वकालत समूहों के एक गठबंधन ने संघीय सरकार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह मुकदमा उस नए नियम को रोकने के लिए दायर किया गया है जो विदेशी छात्रों और पत्रकारों के देश में रहने की अवधि को सीमित करता है। मंगलवार को मैसाचुसेट्स के जिला न्यायालय में दायर इस मुकदमे में कहा गया है कि ये बदलाव विश्वविद्यालयों, अंतरराष्ट्रीय छात्रों और विद्वानों के लिए "विनाशकारी" होंगे।

नियमों में क्या बदलाव हुए हैं?

होमलैंड सुरक्षा विभाग (DHS) का नया नियम F वीज़ा (अंतरराष्ट्रीय छात्र), J वीज़ा (सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रम) और I वीज़ा (मीडिया सदस्य) के लिए एक निश्चित समय सीमा निर्धारित करता है। वर्तमान में, ये वीज़ा कार्यक्रम या रोजगार की अवधि तक वैध होते हैं। हालांकि, नए नियमों के तहत, जो 15 सितंबर से प्रभावी होने वाले हैं, छात्र और विनिमय वीज़ा की अवधि 4 वर्ष से अधिक नहीं होगी। वहीं, पत्रकारों के लिए वीज़ा, जो वर्तमान में वर्षों तक चल सकता है, उसे घटाकर 240 दिन कर दिया जाएगा (चीनी नागरिकों के लिए यह सीमा केवल 90 दिन होगी)।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह निर्णय केवल आव्रजन नीति का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह अमेरिका की 'सॉफ्ट पावर' को सीधे प्रभावित करने वाला कदम है। यदि अंतरराष्ट्रीय छात्र और शोधकर्ता अमेरिका को एक असुरक्षित स्थान मानने लगेंगे, तो अमेरिकी विश्वविद्यालयों की वैश्विक रैंकिंग और अनुसंधान क्षमता को भारी नुकसान हो सकता है।

यह नियम ज्ञान के प्रसार पर एक हमला है और अमेरिका को एक स्वागत योग्य वातावरण से बदलकर एक शत्रुतापूर्ण वातावरण में बदल सकता है।

अमेरिकी न्यूज़गिल्ड-CWA के अध्यक्ष जॉन श्लुस ने इस नियम को पत्रकारों पर हमला करार दिया है। वहीं, अमेरिकन फेडरेशन ऑफ टीचर्स की अध्यक्ष रैंडी वेनगार्टन ने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन राजनीतिक उद्देश्यों के लिए अंतरराष्ट्रीय छात्रों का उपयोग मोहरों के रूप में कर रहा है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

ऐतिहासिक रूप से, अमेरिका ने खुद को दुनिया भर के सबसे प्रतिभाशाली दिमागों के लिए एक चुंबक के रूप में स्थापित किया है। उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय छात्रों का योगदान अमेरिकी अर्थव्यवस्था में अरबों डॉलर का होता है। यह नया प्रतिबंध दशकों पुरानी 'ओपन डोर' नीति के विपरीत देखा जा रहा है।

Did You Know?: अंतरराष्ट्रीय छात्र अमेरिका में न केवल शिक्षा प्राप्त करते हैं, बल्कि वे अमेरिकी तकनीकी नवाचार और अनुसंधान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: नए नियम कब से लागू होंगे?
उत्तर: ये नियम 15 सितंबर, 2026 से प्रभावी होने के लिए निर्धारित हैं।

प्रश्न 2: पत्रकारों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर: पत्रकारों का वीज़ा अब केवल 240 दिनों के लिए वैध होगा, जो उनकी लंबी अवधि की रिपोर्टिंग को बाधित कर सकता है।