जादवपुर विश्वविद्यालय में ABVP और SFI के समर्थकों के बीच जनरल बॉडी मीटिंग को लेकर संघर्ष उभरा, जिसमें कई छात्र घायल हुए। भाजपा विधायक सरबरी मुखर्जी ने छात्रों को दोषी ठहराते हुए स्थिति को और बिगाड़ा।

  • ABVP और SFI के बीच संघर्ष तेज़ हुआ
  • जिला विधायक सरबरी मुखर्जी ने छात्रों को दोषी ठहराया
  • विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच और पुलिस तैनाती की घोषणा की

घटना की रूपरेखा

बुधवार, 19 अगस्त 2026 को जादवपुर विश्वविद्यालय के कैंपस में ABVP (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) और SFI (स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) के समर्थकों के बीच जनरल बॉडी मीटिंग को लेकर हिंसा छिड़ गई। एबीवीपी के समर्थक डंडे और बैटन लेकर परिसर में प्रवेश कर लेफ्ट‑समर्थित छात्रों के पोस्टर फाड़े और जलाए।

पक्षों के बयान

ABVP ने कहा कि उनके समर्थकों को लेफ्ट‑समर्थित यूनियनों द्वारा ज़बरदस्ती धकेला गया, जबकि SFI ने दावा किया कि विश्वविद्यालय में कोई आधिकारिक यूनियन प्रतिनिधि नहीं है और इसलिए मीटिंग का आह्वान अवैध था। ABVP के जादवपुर यूनिट के अध्यक्ष निखिल दास सहित कई छात्र घायल हुए।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

जादवपुर के भाजपा विधायक सरबरी मुखर्जी ने SFI के समर्थकों और छात्र नेता सृजन भट्टाचार्य को हिंसा का मुख्य कारण बताया। सृजन भट्टाचार्य ने उत्तर दिया कि विधायक ने स्वयं हिंसा को उकसाया और बाद में छात्रों को दोषी ठहराया।

विश्वविद्यालय की प्रतिक्रिया

विश्वविद्यालय के कुलपति चिरंजीव भट्टाचार्य ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो कैंपस में 24 घंटे पुलिस तैनात की जाएगी और एक स्वतंत्र जांच शुरू की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि हिंसा किसके हाथों शुरू हुई।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the clash underscores the fragile balance of power between left‑leaning student bodies and right‑wing nationalist groups in West Bengal, a state where student politics has historically influenced broader electoral outcomes.

"जादवपुर में यह हिंसा केवल छात्र संगठनों की टकराव नहीं, बल्कि राज्य‑स्तर की राजनीतिक रणनीति का प्रतिबिंब है," कहा राजनीतिक विश्लेषक डॉ. अनीता सिंह ने।
Did You Know?: जादवपुर विश्वविद्यालय 1955 में स्थापित हुआ था और यह पश्चिम बंगाल में बाएँ पक्ष की राजनीति का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या इस घटना के बाद छात्र चुनावों को स्थगित किया गया है?

उत्तर: विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन सुरक्षा कारणों से आगामी चुनावों को पुनः विचार किया जा सकता है।

प्रश्न 2: पुलिस ने किन छात्रों पर कार्रवाई की?

उत्तर: अभी तक कोई नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है; जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।