राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कार्यवाही का बहिष्कार किया। स्कूल प्रवेश प्रतिबंधों और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर विधायकों ने विधानसभा के बाहर धरना दिया।

  • कांग्रेस विधायकों ने सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने के खिलाफ विधानसभा का बहिष्कार किया।
  • शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग को लेकर विधानसभा के बाहर धरना दिया गया।
  • विपक्ष ने राज्य के स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और शिक्षकों के रिक्त पदों का मुद्दा उठाया।

जयपुर: राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को भारी राजनीतिक हंगामे के साथ शुरुआत हुई। विपक्षी दल कांग्रेस के विधायकों ने राज्य सरकार के उस हालिया फैसले के विरोध में सदन की कार्यवाही का पूर्ण बहिष्कार किया, जिसमें सरकारी स्कूलों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है।

कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के बाहर धरना प्रदर्शन किया और राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के इस्तीफे की मांग की। विपक्ष का आरोप है कि सरकार 'छात्रों की सुरक्षा और गोपनीयता' के नाम पर पारदर्शिता को खत्म कर रही है। विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस और प्रदर्शनकारी विधायकों के बीच झड़प हुई।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह विवाद केवल स्कूल प्रवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की शिक्षा व्यवस्था की गहरी खामियों को उजागर करता है। कांग्रेस द्वारा उठाए गए आंकड़े—जैसे 85,000 जर्जर कक्षाएं और 1.25 लाख रिक्त शिक्षक पद—राज्य सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करते हैं।

शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और बुनियादी ढांचे की कमी पर राजनीतिक टकराव राज्य के भविष्य के लिए चिंताजनक है।

विपक्ष के नेता टीका राम जूली के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक सरकारी सेठ आनंदिलाल पोदार स्कूल फॉर द डेफ एंड म्यूट से विधानसभा की ओर कूच कर रहे थे, जहां उन्हें प्रवेश से वंचित कर दिया गया। इस दौरान पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिससे तीखी नोकझोंक हुई।

सदन के भीतर, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विपक्ष की अनुपस्थिति पर निराशा व्यक्त की। वहीं, सत्ता पक्ष के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि विपक्ष को सदन के बाहर हंगामा करने के बजाय सदन के भीतर अपनी बात रखनी चाहिए। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कांग्रेस पर 'तुष्टीकरण की राजनीति' करने का आरोप लगाया।

सत्र के दौरान कुछ महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी हुए, जिसमें राजस्थान वृक्ष (संरक्षण) विधेयक पेश किया गया, जो खेजड़ी सहित 29 वृक्ष प्रजातियों को विशेष सुरक्षा प्रदान करने का प्रस्ताव करता है। इसके अलावा एक निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भी विधेयक पेश किया गया।

Did You Know?: राजस्थान का खेजड़ी वृक्ष न केवल पारिस्थितिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह राज्य की सांस्कृतिक पहचान का भी एक अभिन्न हिस्सा है।

Frequently Asked Questions

1. कांग्रेस विधायकों ने किस मुद्दे पर विरोध किया है?
कांग्रेस ने सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध किया है।

2. सदन की कार्यवाही कब तक स्थगित की गई है?
सदन की कार्यवाही को शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।