केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीमा फेंसिंग के लिए जमीन देने में देरी करने का गंभीर आरोप लगाया है। शाह ने कहा कि 2014 से मांग की जा रही थी, लेकिन ममता सरकार ने सहयोग नहीं किया।

  • अमित शाह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने 2014 से सीमा फेंसिंग के लिए 1,129 एकड़ जमीन देने में देरी की।
  • शाह ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में ममता बनर्जी ने कभी भी SSB या BSF के किसी कार्यक्रम में शिरकत नहीं की।
  • सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में राज्य सरकार अब सीमा सुरक्षा परियोजनाओं के लिए तुरंत अनुमति दे रही है।
  • सिलिगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) को सुरक्षित करने के लिए एक त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड बनाया जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। शाह ने आरोप लगाया कि सीमा सुरक्षा बल (BSF) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के लिए आवश्यक भूमि आवंटन में ममता बनर्जी की सरकार ने वर्षों तक बाधा उत्पन्न की।

शाह ने भावुक होते हुए कहा, "मैं 2014 से 1,129 एकड़ जमीन की मांग कर रहा था। मैं हाथ-पैर जोड़कर थक गया था, लेकिन उन्होंने जमीन नहीं दी।" उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले 15 वर्षों में ममता बनर्जी ने कभी भी SSB या BSF जैसे केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के किसी भी आधिकारिक कार्यक्रम में भाग नहीं लिया, जबकि उन्हें लगातार निमंत्रण भेजे गए थे।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सीमा सुरक्षा के लिए भूमि आवंटन केवल एक प्रशासनिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक अखंडता से जुड़ा मामला है। विशेष रूप से 'चिकन नेक' (सिलिगुड़ी कॉरिडोर) जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में देरी से सुरक्षा घेरा कमजोर हो सकता है।

सीमा सुरक्षा बलों की तटस्थता और राष्ट्रीय अखंडता सुनिश्चित करना किसी भी राजनीतिक दल के एजेंडे से ऊपर होना चाहिए।

शाह ने वर्तमान प्रशासनिक स्थिति की तुलना करते हुए सुवेंदु अधिकारी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि अब राज्य सरकार की ओर से अनुमति के लिए केवल एक फोन कॉल ही काफी है, और औपचारिक पत्र बाद में भेजा जाता है। यह बदलाव सीमा सुरक्षा परियोजनाओं की गति को बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

रणनीतिक दृष्टि से, शाह ने सिलिगुड़ी कॉरिडोर की संवेदनशीलता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि 'चिकन नेक' को सुरक्षित करने के लिए 560 एकड़ भूमि की आवश्यकता है, जिसके लिए मंजूरी मिल चुकी है। इस क्षेत्र की निगरानी चोपड़ा, किशनगंज और धूपगुड़ी से तीन आधारों के माध्यम से की जाएगी, जिससे एक मजबूत त्रिकोणीय सुरक्षा ग्रिड स्थापित होगा।

कार्यक्रम के दौरान, शाह ने 'वंदे मातरम' के बढ़ते महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि नए नियमों के तहत राष्ट्रीय गीत को जो सम्मान दिया गया है, वह ऐतिहासिक है और इससे भावी पीढ़ी को बंकिम चंद्र चटर्जी के राष्ट्रवादी दृष्टिकोण से परिचित होने में मदद मिलेगी।

Did You Know?: सिलिगुड़ी कॉरिडोर, जिसे 'चिकन नेक' कहा जाता है, भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को शेष देश से जोड़ने वाला एकमात्र संकरा मार्ग है।

Frequently Asked Questions

1. अमित शाह ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाया?
शाह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने 2014 से सीमा फेंसिंग के लिए आवश्यक 1,129 एकड़ जमीन देने में देरी की और केंद्रीय सुरक्षा बलों के कार्यक्रमों की अनदेखी की।

2. सिलिगुड़ी कॉरिडोर का महत्व क्या है?
यह कॉरिडोर भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों को मुख्य भूमि से जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण और रणनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र है।