YSRCP ने आरोप लगाया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा विवेक रेड्डी हत्या मामले में की जा रही छापेमारी का उद्देश्य DSC भर्ती अनियमितताओं से जनता का ध्यान हटाना है। पार्टी ने सरकार को DSC घोटाले की CBI जांच कराने की चुनौती दी है।
- YSRCP का आरोप है कि ED की कार्रवाई राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित है।
- पार्टी ने DSC भर्ती और स्पोर्ट्स कोटा में अनियमितताओं की CBI जांच की मांग की है।
- Y.S. अविनाश रेड्डी के आवास पर ED द्वारा तलाशी ली गई।
आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर उबाल आ गया है। YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के प्रदेश महासचिव गडकोटा श्रीकांत रेड्डी ने आरोप लगाया है कि पूर्व सांसद Y.S. विवेकानंद रेड्डी की हत्या से जुड़े मामले को फिर से सुर्खियों में लाया जा रहा है ताकि मौजूदा गठबंधन सरकार की विफलताओं और 'DSC भर्ती अनियमितताओं' पर से जनता का ध्यान हटाया जा सके।
ताडेपल्ली स्थित YSRCP के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, श्रीकांत रेड्डी ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पहली बार विवेकानंद रेड्डी हत्या मामले में हस्तक्षेप किया है और कडपा के सांसद Y.S. अविनाश रेड्डी के आवास पर तलाशी ली है। उन्होंने इसे सरकार की 'डाइवर्जन पॉलिटिक्स' करार दिया।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल एक आपराधिक जांच नहीं है, बल्कि आगामी राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने वाला एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। DSC (डिस्ट्रिक्ट स्कीम ऑफ टीचर्स) भर्ती और स्पोर्ट्स कोटा में कथित अनियमितताएं राज्य में बड़े पैमाने पर असंतोष पैदा कर रही हैं।
"सरकार को DSC अनियमितताओं की जांच करानी चाहिए, और YSRCP भी अपनी पिछली सरकार पर लगे आरोपों की CBI जांच के लिए पूरी तरह तैयार है।"
श्रीकांत रेड्डी ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि सरकार ईमानदार है, तो उसे DSC भर्ती, विशेष रूप से स्पोर्ट्स कोटा में हुई गड़बड़ियों की CBI जांच का आदेश देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि YSRCP अपनी पिछली सरकार के दौरान 'ग्रुप-I' नियुक्तियों में हुई कथित अनियमितताओं की जांच के लिए भी तैयार है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
Y.S. विवेकानंद रेड्डी, दिवंगत मुख्यमंत्री Y.S. राजशेखर रेड्डी के भाई थे। उनकी हत्या के मामले ने आंध्र प्रदेश की राजनीति को हिलाकर रख दिया था। उस समय एन. चंद्रबाबू नायडू मुख्यमंत्री थे और मामले की जांच SIT और बाद में CBI द्वारा की गई थी। अब, वर्षों बाद, ED की इस नई सक्रियता ने राजनीतिक विवाद को फिर से जीवित कर दिया है।
पार्टी ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य में पुलिस अधिकारियों की गाड़ी से गांजा मिलना और सत्तारूढ़ दल के सांसद के बेटे से जुड़े मामले जैसे कई अन्य मुद्दे भी चर्चा में हैं, जिनसे ध्यान भटकाने के लिए इस पुराने मामले को उठाया जा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. YSRCP ने ED की कार्रवाई पर क्या आरोप लगाया है?
YSRCP का आरोप है कि ED की छापेमारी केवल DSC भर्ती और अन्य सरकारी अनियमितताओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए की जा रही है।
2. श्रीकांत रेड्डी ने सरकार को क्या चुनौती दी है?
उन्होंने सरकार को DSC भर्ती और स्पोर्ट्स कोटा में अनियमितताओं की CBI जांच कराने की चुनौती दी है।