पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा भंडार योजना के लाभार्थियों की संख्या में भारी गिरावट के बाद महिलाओं ने सड़कों और रेल पटरियों को जाम कर दिया है। भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शनकारी अब मंत्रियों के आवासों तक पहुंच गए हैं।
- अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या में 70 लाख की कमी आई है।
- महिला प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक और राष्ट्रीय राजमार्गों को बाधित किया।
- भाजपा सरकार पर चुनावी वादे पूरे न करने का आरोप।
- तृणमूल कांग्रेस ने इसे भाजपा का 'जुमला' करार दिया है।
पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में अन्नपूर्णा भंडार योजना के लाभ से वंचित महिलाओं के बीच भारी आक्रोश व्याप्त है। विरोध की लहर इतनी तीव्र हो गई है कि प्रदर्शनकारी अब सीधे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं और मंत्रियों के द्वारों तक पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को, मंत्री अग्निमित्रा पॉल को मिदनापुर में एक प्रशासनिक बैठक बीच में ही छोड़कर प्रदर्शनकारी महिलाओं की शिकायतें सुननी पड़ीं। इससे पहले, महिला एवं बाल विकास मंत्री मालती रावा रॉय के निवास पर भी विरोध प्रदर्शन देखा गया।
विरोध का व्यापक स्वरूप
प्रदर्शन केवल शहरों तक सीमित नहीं है; उत्तर 24 परगना के बिराती में प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक जाम कर दिया, जबकि अलीपुरद्वार जिले के फालकाटा में महिलाओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग-31 को बाधित कर दिया। पश्चिम मेदिनीपुर, हुगली, बांकुरा और जलपाईगुड़ी सहित कई जिलों में ब्लॉक विकास कार्यालयों (BDO) के बाहर महिलाओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में महिलाएं योजना के तहत लाभ न मिलने पर अपना गुस्सा जाहिर करती दिख रही हैं।
लाभार्थियों की संख्या में भारी गिरावट: एक विश्लेषण
भाजपा ने चुनाव प्रचार के दौरान महिलाओं के लिए मासिक नकद प्रोत्साहन राशि को दोगुना करने का वादा किया था। पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार लगभग 2.2 करोड़ लाभार्थियों को ₹1,500 प्रति माह वितरित कर रही थी। हालांकि भाजपा ने राशि तो दोगुनी कर दी, लेकिन लाभार्थियों की कुल संख्या में भारी कमी आई है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, केवल 1.45 करोड़ महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं, जो कि पिछली सरकार के मुकाबले 70 लाख कम है।
| विवरण | तृणमूल कांग्रेस शासन | भाजपा सरकार (वर्तमान) |
|---|---|---|
| मासिक राशि | ₹1,500 | ₹3,000 (दोगुनी) |
| लाभार्थियों की संख्या | ~2.2 करोड़ | ~1.45 करोड़ |
| लाभार्थियों में अंतर | - | 70 लाख की कमी |
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इन प्रदर्शनों को विपक्षी दलों द्वारा राजनीतिक लाभ के लिए आयोजित किया गया बताया है। उन्होंने कहा कि वे ऐसे दबाव के आगे नहीं झुकेंगे और दावा किया कि लाभार्थियों की संख्या जून में 28 लाख से बढ़कर अगस्त में 1.45 करोड़ हो गई है। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इसे भाजपा का 'जुमला' करार देते हुए कहा है कि सरकार ने महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है।
अन्नपूर्णा भंडार योजना के तहत राशि बढ़ने के बावजूद लाभार्थियों की संख्या में कमी आना सरकार के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बन सकता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि पश्चिम बंगाल में कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन अब एक बड़े राजनीतिक संघर्ष का केंद्र बन गया है। लाभार्थियों की संख्या में आई यह कमी न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक असंतोष का भी कारण बन रही है, जो आगामी चुनावों में निर्णायक साबित हो सकती है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: अन्नपूर्णा भंडार योजना में मुख्य विवाद क्या है?
उत्तर: मुख्य विवाद यह है कि राशि दोगुनी होने के बावजूद लाभार्थियों की संख्या में 70 लाख की कमी आई है।
प्रश्न 2: प्रदर्शनकारी कहां-कहां प्रदर्शन कर रहे हैं?
उत्तर: महिलाएं सड़कों, रेलवे ट्रैक और बीडीओ कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन कर रही हैं।