राजस्थान विधानसभा में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि राज्य के 611 सरकारी स्कूलों के पास अपनी खुद की इमारतें नहीं हैं। विपक्षी नेताओं ने बुनियादी ढांचे की कमी और असुरक्षित परिसरों पर सरकार को घेरा है।
- राजस्थान के 611 सरकारी स्कूलों के पास अपनी कोई इमारत नहीं है, जिनमें 10 बालिका स्कूल भी शामिल हैं।
- सरकार ने मरम्मत और निर्माण के लिए ₹550 करोड़ और ₹450 करोड़ आवंटित किए हैं।
- विपक्ष ने दावा किया कि 3,768 स्कूल पूरी तरह से जर्जर और असुरक्षित घोषित किए जा चुके हैं।
जयपुर: राजस्थान की राजनीति में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। शुक्रवार को विधानसभा में सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य के 611 सरकारी स्कूलों के पास संचालित होने के लिए अपनी स्वयं की इमारतें नहीं हैं। यह खुलासा उस समय हुआ है जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्यों पर स्कूल निरीक्षण के दौरान हमला हुआ था।
यूनीफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (UDISE) के 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, इन स्कूलों में 10 बालिका स्कूल भी शामिल हैं। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। भाजपा सरकार ने इस संकट के लिए पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि विपक्ष के नेता टीका राम जूली ने सरकार की तैयारियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि स्कूलों के पास बुनियादी ढांचे का अभाव न केवल छात्रों की सुरक्षा को खतरे में डालता है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और नामांकन दर को भी सीधे प्रभावित करता है। जब स्कूल गौशालाओं या अस्थायी शेडों में चलते हैं, तो यह राज्य की शिक्षा व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।
शिक्षा का अधिकार केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि एक सुरक्षित और गरिमामय वातावरण प्रदान करना भी राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
रिपोर्ट के अनुसार, जयपुर में 38 स्कूल बिना भवन के हैं, जबकि झालावाड़ के अकलैरा ब्लॉक में यह संख्या सबसे अधिक 23 है। स्थिति केवल भवनों तक सीमित नहीं है; 64,484 स्कूलों में से 2,047 में शौचालय की सुविधा नहीं है और 1,049 स्कूलों में पीने के पानी का अभाव है।
बजट और सरकारी योजनाएं
सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए भारी भरकम राशि का प्रावधान किया है। राज्य सरकार ने स्कूलों की मरम्मत और नवीनीकरण के लिए ₹550 करोड़ और नए भवनों के निर्माण के लिए ₹450 करोड़ आवंटित करने की घोषणा की है। इसके अलावा, पांच वर्षों में विभिन्न स्रोतों से ₹12,500 करोड़ तक के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।
| सुविधा का प्रकार | कमी वाले स्कूलों की संख्या | सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र |
|---|---|---|
| बिना भवन वाले स्कूल | 611 | झालावाड़ (अकलैरा) |
| बिना शौचालय वाले स्कूल | 2,047 | बांसवाड़ा |
| बिना पेयजल वाले स्कूल | 1,049 | दौसा |
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: राजस्थान में कितने स्कूलों के पास अपनी इमारत नहीं है?
उत्तर: विधानसभा के अनुसार, राज्य के 611 सरकारी स्कूलों के पास अपनी स्वयं की इमारत नहीं है।
प्रश्न 2: सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए कितना बजट रखा है?
उत्तर: सरकार ने मरम्मत के लिए ₹550 करोड़ और नए निर्माण के लिए ₹450 करोड़ आवंटित किए हैं।