सेलम में आयोजित क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी (RSP) की राज्य समिति की बैठक में सरकार से फसल ऋण माफी और बढ़ती चावल की कीमतों पर नियंत्रण लगाने की मांग की गई है। पार्टी ने मेट्टूर बांध से पानी की कमी और सूखे जैसे हालातों पर भी गहरी चिंता व्यक्त की है।
- RSP ने सरकार से सभी फसल ऋणों को पूरी तरह माफ करने की मांग की है।
- चावल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण लगाने का आग्रह किया गया।
- मेट्टूर बांध से पानी की कमी और कावेरी जल विवाद पर चिंता जताई गई।
- हथकरघा बुनकरों के लिए ऋण और ब्याज माफी की मांग की गई।
सेलम में आयोजित क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी (RSP) की राज्य समिति की बैठक में किसानों और आम जनता के ज्वलंत मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई। पार्टी के राज्य सचिव ए. जीवननंदन की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में आठ महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए, जिसमें कृषि संकट और बढ़ती महंगाई को मुख्य मुद्दा बनाया गया।
कृषि संकट और मेट्टूर बांध का मुद्दा
RSP ने वर्तमान सरकार (TVK के नेतृत्व वाली) से मांग की है कि सूखे जैसी स्थिति और मेट्टूर बांध से पानी की आपूर्ति में भारी कमी को देखते हुए किसानों के फसल ऋणों को पूरी तरह माफ किया जाए। पार्टी ने कावेरी नदी पर कर्नाटक सरकार द्वारा मेकेदातु बांध बनाने के प्रयासों पर भी कड़ा रुख अपनाया है। RSP का तर्क है कि यदि यह बांध बनाया जाता है, तो तमिलनाडु के किसानों को पानी मिलने में गंभीर समस्या होगी। पार्टी ने मांग की है कि सरकार कानूनी माध्यमों से तमिलनाडु के जल अधिकारों की रक्षा करे।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, तमिलनाडु में कृषि आधारित अर्थव्यवस्था पूरी तरह से कावेरी के पानी और सिंचाई सुविधाओं पर निर्भर है। यदि ऋण माफी और जल अधिकार सुनिश्चित नहीं किए गए, तो यह न केवल किसानों की आजीविका बल्कि राज्य की खाद्य सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है।
कृषि संकट का समाधान केवल ऋण माफी नहीं, बल्कि जल सुरक्षा और उचित बाजार मूल्य सुनिश्चित करना है।
बैठक में बुनकरों की दयनीय स्थिति पर भी प्रकाश डाला गया। हथकरघा और पावरलूम बुनकर सहकारी बैंकों के कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। RSP ने मांग की है कि सरकार उनके ऋणों पर लगने वाले ब्याज और जुर्माने को माफ करे ताकि उनकी आजीविका बची रहे।
महंगाई की मार और अन्य मांगें
पार्टी ने पिछले दो महीनों में चावल की कीमतों में हुई ₹10-15 प्रति किलोग्राम की वृद्धि और किराना वस्तुओं के दामों में 20% की बढ़ोतरी पर गहरा रोष व्यक्त किया। इसके अलावा, सेलम नगर निगम में पेयजल आपूर्ति के निजीकरण का विरोध करते हुए समिति ने कहा कि निजीकरण से पानी की दरों में भारी वृद्धि होगी।
Frequently Asked Questions
1. RSP ने किसानों के लिए क्या मुख्य मांग रखी है?
RSP ने सूखे की स्थिति को देखते हुए सभी फसल ऋणों की पूर्ण माफी की मांग की है।
2. मेकेदातु बांध विवाद क्या है?
यह कर्नाटक द्वारा कावेरी नदी पर बांध बनाने का मुद्दा है, जिससे तमिलनाडु के पानी के अधिकार प्रभावित होने का डर है।