भाजपा विधायक टी.एस. श्रीवत्सा ने विवादास्पद 50:50 अनुपात योजना के तहत आवंटित सभी 4,350 मुडा साइटों को रद्द करने की सरकार से मांग की है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के परिवार से जुड़े विवादों को भी हवा दी है।
- भाजपा विधायक टी.एस. श्रीवत्सा ने 2019-2023 के बीच आवंटित 4,350 मुडा साइटों को रद्द करने का आह्वान किया।
- विवाद का मुख्य कारण '50:50 अनुपात योजना' है जिसे शासन ने संदिग्ध माना है।
- सिद्धारमैया की पत्नी को आवंटित साइटों के मामले में लोकायुक्त जांच का जिक्र किया गया।
- भाजपा ने तत्कालीन मुडा आयुक्त डी.बी. नतेश के खिलाफ कार्रवाई न होने पर सवाल उठाए हैं।
मैसूरु: कर्नाटक की राजनीति में मुडा (MUDA) के 50:50 अनुपात आवंटन योजना को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा विधायक टी.एस. श्रीवत्सा ने रविवार को मैसूरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार से मांग की है कि 2019 और 2023 के बीच इस विवादास्पद योजना के तहत आवंटित सभी 4,350 साइटों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाए।
श्रीवत्सा ने तर्क दिया कि यद्यपि शहरी विकास मंत्री यथेंद्र सिद्धारमैया ने 14 मार्च, 2023 के बाद के आवंटनों को रद्द करने का आदेश दिया है, लेकिन 2019 से 2023 के बीच किए गए आवंटनों को क्यों छोड़ दिया गया है? उन्होंने सवाल उठाया कि यदि योजना को 10 मई, 2019 से ही संदिग्ध माना गया था, तो सरकार अब तक सभी साइटों को रद्द करने में विफल क्यों रही है?
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि यह मामला केवल भूमि आवंटन का नहीं, बल्कि राजनीतिक जवाबदेही का है। यदि इन साइटों को रद्द नहीं किया जाता है, तो यह भविष्य में बड़े कानूनी और प्रशासनिक संकट को जन्म दे सकता है। यह विवाद कर्नाटक में भूमि सुधार और सरकारी पारदर्शिता के बीच चल रहे संघर्ष को दर्शाता है।
"यह केवल भूमि का मामला नहीं है, बल्कि यह शासन की निष्पक्षता और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का परीक्षण है।"
इस विवाद का एक महत्वपूर्ण पहलू पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पत्नी, श्रीमती पार्वती को आवंटित 14 साइटों से जुड़ा है। यह मामला तब सुर्खियों में आया था जब उनकी भूमि का अधिग्रहण 'देवनूर थर्ड स्टेज लेआउट' के विकास के लिए किया गया था। हालांकि, ये साइटें बाद में मुडा को वापस कर दी गई थीं, लेकिन श्रीवत्सा ने दावा किया कि श्रीमती पार्वती ने स्पष्ट किया था कि उन्हें गुमराह किया गया था।
भाजपा विधायक ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या वे तत्कालीन मुडा आयुक्त डी.बी. नतेश को संरक्षण दे रहे हैं? उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि नतेश, जो उस समय प्राधिकरण के प्रमुख थे, उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई, जबकि उन्होंने आवंटन प्रक्रिया में कथित तौर पर गलत जानकारी दी थी।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
मुडा (जिसे अब मैसूरु विकास प्राधिकरण या MDA के रूप में जाना जाता है) लंबे समय से भूमि आवंटन नीतियों के कारण विवादों में रहा है। 50:50 योजना का उद्देश्य किसानों की भूमि के बदले उन्हें विकसित भूखंड देना था, लेकिन इसकी पारदर्शिता पर हमेशा सवाल उठे हैं।
Frequently Asked Questions
1. 50:50 योजना क्या है?
यह एक योजना थी जिसके तहत भूमि अधिग्रहण के बदले मालिकों को विकसित भूखंडों का एक हिस्सा दिया जाता था।
2. भाजपा की मुख्य मांग क्या है?
भाजपा चाहती है कि 2019 से 2023 के बीच इस योजना के तहत आवंटित सभी 4,350 भूखंडों को रद्द कर दिया जाए।