बीआरएस नेता टी. हरिश राव ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सरकार पर निशाना साधते हुए बच्चों को दी जाने वाली स्कूल यूनिफॉर्म की खराब गुणवत्ता और आरोग्यश्री कर्मचारियों के 18 महीने के बकाया वेतन का मुद्दा उठाया है।

  • स्कूल यूनिफॉर्म की गुणवत्ता खराब है और कई छात्रों तक समय पर नहीं पहुँची है।
  • सरकार ने गुजरात की कंपनी माफ़तलाल को ठेका देकर स्थानीय बुनकरों की अनदेखी की है।
  • आरोग्यश्री योजना के कर्मचारियों को पिछले 18 महीनों से वेतन नहीं मिला है।
  • सिद्धिपेट जिले के सरकारी अस्पतालों पर ₹24 करोड़ का बकाया है।

तेलंगाना विधानसभा में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के उप फ्लोर लीडर टी. हरिश राव ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक तरफ वैश्विक शिक्षा मानकों की बात करती है, लेकिन दूसरी ओर स्कूली बच्चों को बुनियादी और गुणवत्तापूर्ण यूनिफॉर्म देने में भी विफल रही है।

हरिश राव ने कहा कि वितरित की गई यूनिफॉर्म न केवल गलत साइज की है, बल्कि कुछ ही बार धोने के बाद उनका रंग भी फीका पड़ रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई स्कूलों में तो अभी तक यूनिफॉर्म पहुँची ही नहीं है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों को दो जोड़ी यूनिफॉर्म मिलने के बजाय, कई जगहों पर एक जोड़ी तक नहीं मिली है।

गुजरात के ठेकेदारों को प्राथमिकता?

बीआरएस नेता ने सरकार पर स्थानीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का झुकाव तेलंगाना के पारंपरिक हथकरघा बुनकरों के बजाय गुजरात के बिचौलियों की ओर अधिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूनिफॉर्म का ठेका माफ़तलाल (Mafatlal) कंपनी को दिया गया है, जिससे स्थानीय बुनकरों के हितों की अनदेखी हुई है।

सरकार की प्राथमिकताएं स्थानीय विकास के बजाय बाहरी कॉर्पोरेट हितों की ओर झुकती दिख रही हैं।

आरोग्यश्री और स्वास्थ्य सेवाओं का संकट

यूनिफॉर्म के अलावा, हरिश राव ने स्वास्थ्य क्षेत्र में व्याप्त अव्यवस्थाओं को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि आरोग्यश्री योजना के तहत काम कर रहे कर्मचारियों को पिछले 18 महीनों से वेतन नहीं दिया गया है। इसके साथ ही, सरकारी अस्पतालों को भी स्वास्थ्य योजना के बकाया भुगतान नहीं किए गए हैं।

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं के फंड में देरी का सीधा असर ज़मीनी स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता पर पड़ता है। राव ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि सिद्धिपेट जिले के सरकारी अस्पतालों को नवंबर 2023 से कोई फंड नहीं मिला है और कुल बकाया राशि ₹24 करोड़ तक पहुँच गई है।

Why This Matters

यह मुद्दा केवल प्रशासनिक विफलता का नहीं है, बल्कि यह तेलंगाना के सामाजिक सुरक्षा जाल (Social Security Net) और शिक्षा के बुनियादी ढांचे की स्थिरता पर सवाल उठाता है। स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में वित्तीय अनियमितता भविष्य में बड़े नागरिक असंतोष का कारण बन सकती है।

Did You Know?: तेलंगाना के कई जिलों में हथकरघा उद्योग ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जिसे सरकारी ठेकों से सीधा लाभ मिलना चाहिए।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: हरिश राव ने यूनिफॉर्म के बारे में क्या शिकायत की?
उत्तर: उन्होंने कहा कि यूनिफॉर्म की गुणवत्ता खराब है, उनका रंग उतर रहा है और आकार (size) भी सही नहीं है।

प्रश्न 2: आरोग्यश्री कर्मचारियों की मुख्य समस्या क्या है?
उत्तर: आरोग्यश्री योजना के कर्मचारी पिछले 18 महीनों से अपने वेतन के लिए संघर्ष कर रहे हैं।