तेलंगाना के पेड्दापल्लि जिले में ७.५ करोड़ रुपये की लागत से निर्मित केंद्रीय रसोई ने सरकारी स्कूलों में मुफ्त नाश्ता प्रदान करने का नया अध्याय शुरू किया। यह पहल बच्चों के पोषण और शैक्षणिक प्रदर्शन को सुदृढ़ करने के लिए तैयार की गई है।

  • ७.५ करोड़ रुपये की CSR‑फ़ंड से निर्मित रसोई, 10,000 इडली/घंटा उत्पादन क्षमता।
  • सरकारी स्कूलों में मुफ्त नाश्ता, छात्र उपस्थिति में 21% वृद्धि।
  • हरे कृष्णा मूवमेंट द्वारा संचालन, स्वच्छता मानकों के साथ।

आईटी एवं उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने पेड्दापल्लि के मनथानी में नई केंद्रीय रसोई का उद्घाटन किया, जिसे सिंगरेंगी कोलरीज़ कंपनी की CSR पहल के तहत स्थापित किया गया। यह रसोई प्रतिघंटा 10,000 इडली, 3,000 दोसा और 5,600 पुरी तैयार कर सकती है, जिससे हजारों छात्रों को पौष्टिक नाश्ता मिल सकेगा।

रसोई का संचालन हारे कृष्ण मूवमेंट चैरिटेबल फाउंडेशन (HKMCF) द्वारा किया जाएगा, जो स्वच्छता और पोषण मानकों को सुनिश्चित करने के लिए विशेष मेन्यू तैयार कर रहा है। इस पहल की शुरुआत कोडंगल विधानसभा क्षेत्र में पायलट रूप में हुई, जहाँ मुख्यमंत्री ए. रेवनथ रेड्डी के नेतृत्व में छात्र उपस्थिति में 21% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that such large‑scale nutrition programs can boost academic performance by up to 15%, while also reducing dropout rates in rural Telangana. The integration of CSR funding with government welfare amplifies impact without straining state finances.

"पोषण और शिक्षा का सीधा संबंध है; इस तरह की पहल से भविष्य की कार्यशक्ति मजबूत होगी," कहा शैक्षिक नीति विशेषज्ञ डॉ. रवीन्द्र सिंह ने।

उद्घाटन के साथ ही मंत्री ने 33/11kV सबस्टेशन और नई तहसीलदार कार्यालय इमारत का भी अनावरण किया, जिससे क्षेत्रीय बुनियादी ढाँचा सुदृढ़ होगा। यह कदम सरकार की व्यापक कल्याण योजना का हिस्सा है, जिसमें महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और योग्य परिवारों को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली जैसी सुविधाएँ शामिल हैं।

Did You Know?: भारत में स्कूल नाश्ता योजना का पहला मॉडल 1995 में तमिलनाडु में शुरू हुआ था, और अब यह 12 राज्यों में फैला है।

Frequently Asked Questions

प्र. क्या यह रसोई केवल मनथानी के स्कूलों के लिए है?
उ: प्रारंभ में मनथानी और निकटवर्ती क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों को लक्ष्य बनाया गया है, लेकिन भविष्य में इसे पूरे पेड्दापल्लि जिले तक विस्तारित करने की योजना है।

प्र. इस योजना की लागत कौन वहन कर रहा है?
उ: रसोई की निर्माण लागत सिंगरेंगी कोलरीज़ कंपनी की CSR पहल से आती है, जबकि संचालन खर्च HKMCF द्वारा प्रबंधित किया जाता है।