आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई20 पेट्रोल के उपयोग को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया है कि इससे वाहनों के इंजन खराब हो रहे हैं और गन्ने के डायवर्जन के कारण चीनी की कीमतें आसमान छू रही हैं।

  • अरविंद केजरीवाल ने ई20 पेट्रोल से इंजन क्षति और माइलेज में कमी का दावा किया।
  • गन्ने को इथेनॉल उत्पादन में मोड़ने से चीनी की कीमतों में भारी वृद्धि का आरोप लगाया।
  • केंद्र सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए उद्योग पर दोष मढ़ा है।
  • आम आदमी पार्टी गोवा में इस मुद्दे पर बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गोवा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र सरकार की ई20 (20% इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल नीति पर कड़ा प्रहार किया है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि यह ईंधन न केवल वाहनों के इंजन को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि उपभोक्ताओं के लिए माइलेज भी कम कर रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें हजारों लोगों से शिकायतें मिली हैं जो इस 'मिलावटी पेट्रोल' से त्रस्त हैं।

केजरीवाल ने इस नीति को देश की खाद्य अर्थव्यवस्था से भी जोड़ दिया। उन्होंने दावा किया कि गन्ने की एक बड़ी मात्रा (लगभग 25 लाख टन के बराबर) को चीनी उत्पादन के बजाय इथेनॉल बनाने के लिए मोड़ा जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप, चीनी की कीमतों में भारी उछाल आया है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि 31 जुलाई को चीनी लगभग 45 रुपये प्रति किलो थी, जो अब बढ़कर 70 रुपये प्रति किलो से अधिक हो गई है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मुद्दा केवल तकनीकी नहीं, बल्कि गहरा राजनीतिक है। एक तरफ सरकार ऊर्जा सुरक्षा और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए इथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा दे रही है, वहीं दूसरी ओर, उपभोक्ता सीधे तौर पर अपनी जेब पर पड़ने वाले असर और वाहन की उम्र घटने को लेकर चिंतित हैं। यह बहस आगामी चुनावों, विशेषकर गोवा में, एक बड़ा मुद्दा बन सकती है।

ई20 नीति का आर्थिक और तकनीकी प्रभाव मध्यम वर्ग की बचत और खाद्य सुरक्षा के बीच एक जटिल संघर्ष पैदा कर रहा है।

केंद्र सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार का तर्क है कि देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और कीमतों में वृद्धि के लिए उद्योग जगत की जमाखोरी जिम्मेदार है। सरकार का कहना है कि ई20 पेट्रोल का व्यापक वैज्ञानिक परीक्षण किया गया है और यह सुरक्षित है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत सरकार ने कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने और कार्बन उत्सर्जन को घटाने के उद्देश्य से इथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम शुरू किया था। अप्रैल 2026 से, ई20 पेट्रोल देश भर के अधिकांश पंपों पर उपलब्ध एकमात्र पेट्रोल वेरिएंट बन गया है। हालांकि, पुराने वाहनों के मालिकों के लिए यह चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि उनके वाहन इस उच्च इथेनॉल मिश्रण के लिए डिज़ाइन नहीं किए गए थे।

Did You Know?: इथेनॉल एक प्रकार का अल्कोहल है जो गन्ने के रस या अनाज से बनाया जाता है, जो ईंधन के रूप में काम कर सकता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: ई20 पेट्रोल क्या है?
उत्तर: ई20 का अर्थ है 20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण।

प्रश्न 2: क्या ई20 से इंजन खराब हो सकता है?
उत्तर: पुराने वाहनों में उच्च इथेनॉल सामग्री ईंधन लाइनों और रबर घटकों को नुकसान पहुंचा सकती है, हालांकि नई कारों को इसके लिए डिज़ाइन किया गया है।