तमिलनाडु में बीजेपी ने सीएम जोसेफ विजय की नई 'अन्नापूरणी सुपर सिक्स' योजना का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया, जिसमें मुफ्त गैस सिलेंडर की संख्या आधी कर दी गई है। यह कदम चुनावी वादे के साथ अंतर दर्शाता है।
- बीजेपी ने कहा कि नई योजना में केवल 3 सिलेंडर मिलेंगे, जबकि चुनाव में 6 का वादा था।
- लाभार्थी परिवारों की आय सीमा 2.5 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक सीमित है।
- राज्य को इस योजना का वार्षिक खर्च लगभग 4,000 करोड़ रुपये आएगा।
बीजेपी ने नई LPG योजना पर लगाया सवाल
तमिलनाडु में बीजेपी प्रवक्ता नारायणन थिरुपती ने सोमवार को सीएम जोसेफ विजय की अन्नापूरणी सुपर सिक्स योजना की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार ने चुनावी वादे में दिया गया छह सिलेंडर प्रति साल का वादा घटाकर केवल तीन सिलेंडर कर दिया है और लाभार्थी वर्ग को 2.5 लाख रुपये सालाना आय वाले परिवारों तक सीमित कर दिया है।
अन्नापूरणी सुपर सिक्स योजना का विवरण
विजय ने तमिलनाडु विधानसभा में घोषणा की कि 2027 के पोंगल से यह योजना लागू होगी। पात्र परिवारों को सालाना तीन LPG सिलेंडर की लागत सीधे उनके बैंक खाते में जमा की जाएगी। अनुमानित तौर पर 1.30 करोड़ परिवार इस योजना से लाभान्वित होंगे।
वित्तीय प्रभाव और अनुमान
राज्य सरकार का कहना है कि इस पहल का वार्षिक खर्च लगभग 4,000 करोड़ रुपये होगा। यह राशि बढ़ती LPG कीमतों और खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के कारण बढ़ते घरेलू बोझ को कम करने के उद्देश्य से निर्धारित की गई है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
विजय की पार्टी, तमिलगा वोट्री कज़हगम, ने अपने चुनावी घोषणापत्र में सभी घरों को सालाना छह मुफ्त LPG सिलेंडर प्रदान करने का वादा किया था। इस वादे को लेकर बीजेपी ने अब तक कई बार सवाल उठाए हैं, लेकिन यह नई योजना इस वादे से स्पष्ट अंतर दिखाती है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the reduction from six to three cylinders could sway voter sentiment ahead of the next state elections, as LPG subsidies are a critical welfare metric for low‑income households in Tamil Nadu.
"वोटर की नज़र में छोटे‑बड़े वादे के बीच का अंतर अक्सर चुनाव परिणाम को निर्धारित करता है," कहते हैं सामाजिक विज्ञान के प्रोफेसर डॉ. रवीना शेट्टी।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या यह योजना सभी घरों को लाभान्वित करेगी?
उत्तर: नहीं, केवल वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम वाले परिवार ही पात्र होंगे।
प्रश्न 2: योजना का वित्तीय बोझ कैसे पूरा किया जाएगा?
उत्तर: राज्य की अनुमानित आय और केंद्र से मिलने वाले अनुदान के मिश्रण से इस खर्च को उठाया जाएगा।