बीजेपी राज्य अध्यक्ष सोमू वीरराजु ने काकीनाडा में दर्ज हुए प्रथम ‘लव जिहाद’ मामले में केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की विस्तृत जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी सादिक खान ने धार्मिक परिवर्तन की साजिश को बढ़ावा दिया और दिल्ली में सहायता प्राप्त की।

  • बीजेपी के नेता सोमू वीरराजु ने केंद्र से जांच की माँग की
  • काकीनाडा में 26 वर्षीय सादिक खान पर ‘लव जिहाद’ के आरोप
  • शहादत के बाद परिवार के सदस्य और डॉ. नूका राजु की हत्या का मामला

बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और अंलबारी (MLC) सोमू वीरराजु ने सोमवार, 24 अगस्त को कहा कि अब अंडमान प्रदेश में ‘लव जिहाद’ साजिश को उजागर करने की जिम्मेदारी पुलिस पर है, और इसे सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसियों द्वारा गहराई से जांचना चाहिए। यह बयान काकीनाडा शहर में हुए विवादास्पद ‘लव जिहाद’ मामले के बाद आया।

केस का विवरण

17 अगस्त को काकीनाडा के सरपावारम पुलिस ने 26 वर्षीय स्क. सादिक खान को ‘धर्म के भाव को अपमानित करने हेतु जानबूझकर और दुष्ट कार्य करने’ के आरोप में दर्ज किया। यह मामला असिस्टेंट इंजीनियर के. नूका राजु की आत्महत्या के बाद उभरा, जहाँ उनके परिवार के सदस्य ने ‘लव जिहाद’ के संकेत छोड़े थे।

संदिग्ध की गिरफ्तारी और आगे की कारवाई

सादिक खान, जो कि एक राइफल शूटर ट्रेनर हैं, 22 अगस्त को उत्तर प्रदेश के मेरठ में पकड़े गए, जब वह समुद्र मार्ग से विदेश भागने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने उनके खिलाफ आत्महत्या के प्रोत्साहन (abetment) सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the emergence of a ‘love jihad’ case in the Godavari region could inflame communal sensitivities, impact BJP’s electoral calculations in Andhra Pradesh, and potentially invite federal intervention in state law‑enforcement matters.

"यदि इस साजिश को बिना साक्ष्य के सार्वजनिक रूप से बढ़ावा दिया गया तो सामाजिक तनाव बढ़ सकता है," कहते हैं सामाजिक वैज्ञानिक प्रो. अनीता रॉय।
Did You Know?: काकीनाडा पिछले दशक में धार्मिक समन्वय के कई शांति पहल का केंद्र रहा है, लेकिन 2022 में इसी शहर में पहले ‘लव जिहाद’ की खबर आई थी।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या सादिक खान ने वास्तव में धर्म परिवर्तन की साजिश की?

उत्तर: अभी तक जांच के निष्कर्ष नहीं निकले हैं; यह केवल आरोप है।

प्रश्न 2: केंद्र सरकार इस मामले में कैसे हस्तक्षेप कर सकती है?

उत्तर: यदि राष्ट्रीय सुरक्षा या सामुदायिक शांति को खतरा माना गया तो केंद्रीय एजेंसियाँ जांच का आदेश दे सकती हैं।