तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने परंदूर हवाई अड्डे की योजना को स्थगित कर दिया। इसके बजाय चेंनई हवाई अड्डे में टर्मिनल‑5 बनाकर क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव है, जबकि स्थानीय किसानों ने 2022 से विरोध जारी रखा।

  • परंदूर हवाई अड्डा प्रोजेक्ट 5,746 एकड़ पर रद्द
  • टर्मिनल‑5 से वार्षिक क्षमता 55 मिलियन यात्रियों तक बढ़ेगी
  • स्थानीय किसान 1,000 से अधिक परिवारों के विस्थापन का विरोध कर रहे थे

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 24 अगस्त 2026 को घोषणा की कि राज्य में परंदूर में प्रस्तावित नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का प्रोजेक्ट अब आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। यह निर्णय उनके दल तमिलगा वेट्री कझगम् (TVK) की निरंतर विरोधी स्थिति के बाद आया, जिसने प्रोजेक्ट को सत्ता में आने से पहले ही चुनौती दी थी।

परंदूर हवाई अड्डा क्या था?

परंदूर प्रोजेक्ट एक ग्रीनफ़ील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा था, जिसकी कुल भूमि 5,746 एकड़ निर्धारित थी। इसे कांचिपुरम जिले में निर्मित किया जाना था, जिससे 13 गाँवों की जमीन और लगभग 1,000 परिवारों का विस्थापन होगा। 2022 में स्थानीय किसान और ग्रामीणों ने जमीन अधिग्रहण के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू किया।

नया टर्मिनल‑5 योजना

विजय ने बताया कि चेंनई हवाई अड्डे के उत्तर‑पश्चिमी हिस्से में टर्मिनल‑5 का निर्माण किया जाएगा। इस टर्मिनल को भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (AAI) के सहयोग से विकसित किया जाएगा, जिसमें एक पहुँच‑मार्ग और फ़्लाइओवर भी शामिल है। वर्तमान में चेंनई हवाई अड्डा सालाना 30 मिलियन यात्रियों को संभाल रहा है; टर्मिनल‑5 के पूरा होने पर यह क्षमता अतिरिक्त 55 मिलियन तक बढ़ेगी।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the shift from a greenfield airport to an expansion of the existing hub reflects a broader trend in Indian infrastructure policy—prioritizing cost‑efficiency and minimizing displacement while still meeting rising passenger demand.

"परंदूर प्रोजेक्ट का रद्द होना सामाजिक स्थिरता के साथ आर्थिक विकास को संतुलित करने का एक स्पष्ट संकेत है," कहा विमानन विशेषज्ञ डॉ. अजय राव ने।

इतिहासिक पृष्ठभूमि

2022 में केंद्रीय सिविल एविएशन मंत्रालय ने परंदूर को चेंनई के द्वितीय हवाई अड्डे के स्थान के रूप में मंजूरी दी। 2024 में तमिलनाडु औद्योगिक विकास निगम (TIDCO) ने 10,500 करोड़ रुपये के अनुमानित खर्च के साथ विस्तृत प्रस्ताव केंद्र को भेजा। 2025 में कई मंत्रालयों ने भूमि‑पूलिंग और अनुमोदन प्रक्रिया शुरू की, लेकिन स्थानीय विरोध और राजनीतिक असहमति ने प्रोजेक्ट को जटिल बना दिया।

Did You Know?: परंदूर साइट पर प्रस्तावित टर्रिफ़िकेशन से पहले, उस क्षेत्र में केवल 4% ही औद्योगिक उपयोग था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: टर्मिनल‑5 कब पूर्ण होगा?
उत्तर: आधिकारिक रूप से 2029 तक संचालन शुरू होने की योजना है, लेकिन यह निर्माण गति और वित्तीय अनुमोदन पर निर्भर करेगा।

प्रश्न 2: परंदूर में विस्थापित किसानों को क्या मुआवजा मिलेगा?
उत्तर: सरकार ने कहा है कि पुनर्वास पैकेज में पुनःस्थापना, आय-सहायता और भूमि पुनःवितरण शामिल होंगे, परंतु विस्तृत योजना अभी तैयार हो रही है।