कांग्रेस सांसद कार्तिकेय चिदंबरम ने तमिलनाडु सरकार से चेन्नई के पास दूसरे हवाई अड्डे के लिए तत्काल उपयुक्त स्थान खोजने का आग्रह किया है। उन्होंने मीनांबाक्कम हवाई अड्डे की खराब स्थिति और यात्रियों के बढ़ते दबाव पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

  • कार्तिकेय चिदंबरम ने चेन्नई के मीनांबाक्कम हवाई अड्डे के खराब प्रबंधन और अत्यधिक भीड़ पर सवाल उठाए।
  • परंदूर हवाई अड्डे के प्रस्ताव को वापस लेने के बाद, सरकार से नए स्थान की पहचान करने की मांग की गई।
  • चिदंबरम ने परिसीमन (delimitation) और महिला आरक्षण बिल के बीच भाजपा द्वारा किए जा रहे कथित 'खेल' पर भी हमला बोला।
  • तमिलनाडु के संघीय अधिकारों और केंद्र द्वारा फंड आवंटन की नीतियों की कड़ी आलोचना की गई।

कांग्रेस सांसद कार्तिकेय चिदंबरम ने सोमवार को तिरुनेलवेली में एक प्रेस वार्ता के दौरान तमिलनाडु सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह दूसरे हवाई अड्डे के प्रोजेक्ट के लिए जल्द से जल्द एक उपयुक्त स्थान की पहचान करे। चिदंबरम का यह बयान तब आया है जब राज्य सरकार ने चेन्नई के पास परंदूर में दूसरा हवाई अड्डा बनाने के प्रस्ताव को वापस लेने की घोषणा की है।

चिदंबरम ने चेन्नई के वर्तमान हवाई अड्डे, मीनांबाक्कम की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए इसे 'भारत का सबसे खराब' हवाई अड्डा बताया। उन्होंने कहा कि खराब रखरखाव और कुप्रबंधन के कारण यह हवाई अड्डा यात्रियों के बढ़ते भारी दबाव को संभालने में पूरी तरह असमर्थ है। उन्होंने तर्क दिया कि जब नई दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में विश्वस्तरीय हवाई अड्डे बन चुके हैं, तो चेन्नई को भी जल्द से जल्द ऐसी सुविधा मिलनी चाहिए।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि तमिलनाडु में बुनियादी ढांचे का विकास न केवल आर्थिक विकास के लिए, बल्कि दक्षिण भारत की राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है। हवाई अड्डे के स्थान को लेकर चल रहा विवाद न केवल यात्रियों की सुविधा को प्रभावित कर रहा है, बल्कि राज्य की भविष्य की कनेक्टिविटी और निवेश क्षमता पर भी सवाल उठा रहा है।

चेन्नई के हवाई अड्डे का खराब प्रबंधन और परंदूर परियोजना का निरस्तीकरण राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास में एक बड़ी बाधा है।

हवाई अड्डे के मुद्दे के अलावा, चिदंबरम ने राष्ट्रीय राजनीति के महत्वपूर्ण विषयों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भाजपा 'परिसीमन' (delimitation) की प्रक्रिया को महिला आरक्षण बिल के साथ जोड़कर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सीटों का पुनर्गठन जनसंख्या के आधार पर किया जाता है, तो उत्तर भारत का प्रभाव बढ़ेगा और दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु और पुडुचेरी की राजनीतिक उपस्थिति कम हो जाएगी।

इसके अतिरिक्त, MDMK सांसद दुराई वैको ने FCRA संशोधन विधेयक 2026 पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह विधेयक धार्मिक अल्पसंख्यकों द्वारा चलाए जा रहे शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों के अधिकारों को छीन सकता है। उन्होंने इसे नागरिक समाज के खिलाफ 'कानून का हथियार बनाना' करार दिया।

Did You Know?: चेन्नई का मीनांबाक्कम हवाई अड्डा दक्षिण भारत के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है, लेकिन यात्री सुविधाओं के मामले में यह अक्सर चर्चा में रहता है।

Frequently Asked Questions

1. कार्तिकेय चिदंबरम ने दूसरे हवाई अड्डे की मांग क्यों की?
मीनांबाक्कम हवाई अड्डे पर यात्रियों का अत्यधिक दबाव है और परंदूर हवाई अड्डे का प्रस्ताव वापस लेने के बाद एक नए विकल्प की आवश्यकता है।

2. परिसीमन (Delimitation) विवाद क्या है?
चिदंबरम के अनुसार, भाजपा परिसीमन के माध्यम से उत्तर भारत की सीटों की संख्या बढ़ाकर दक्षिण भारत के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को कम करने का प्रयास कर रही है।