भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने बेंगलुरु के प्रस्तावित टनल रोड प्रोजेक्ट को 'दुनिया की सबसे महंगी सड़क' करार देते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रोजेक्ट ट्रैफिक कम करने के बजाय केवल रियल एस्टेट और चुनावी फंडिंग के लिए है।

  • तेजस्वी सूर्या ने टनल रोड को प्रति किलोमीटर ₹1,400 की लागत वाली दुनिया की सबसे महंगी सड़क बताया।
  • आरोप है कि यह प्रोजेक्ट ट्रैफिक कम करने के बजाय केवल निजी कारों को लाभ पहुँचाएगा।
  • प्रोजेक्ट के कारण लालबाग पार्क की भूमि के नुकसान का गंभीर खतरा है।
  • सूर्या ने कहा कि निवेश सड़क के बजाय मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन में होना चाहिए।

बेंगलुरु के प्रस्तावित 18-किमी लंबे टनल रोड प्रोजेक्ट को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने इंडिया टुडे कर्नाटक राउंडटेबल के दौरान इस परियोजना की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे 'दुनिया की सबसे महंगी सड़क' बताते हुए कहा कि यह शहर की ट्रैफिक समस्या का समाधान करने के बजाय उसे और अधिक जटिल बना देगी।

सूर्या ने सरकार के विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) के ट्रैफिक सिमुलेशन का हवाला देते हुए कहा कि यह टनल सड़क भीड़भाड़ को कम करने में विफल रहेगी। उन्होंने तर्क दिया कि जहाँ एक मेट्रो लाइन प्रति घंटे 60,000 लोगों को ले जा सकती है, वहीं यह टनल केवल 600 कारों को ही रास्ता दे पाएगी।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बेंगलुरु जैसे महानगर के लिए बुनियादी ढांचे का निर्णय केवल इंजीनियरिंग का मामला नहीं है, बल्कि यह शहर के पारिस्थितिक तंत्र और सामाजिक समानता से जुड़ा है। यदि भारी निवेश केवल निजी वाहनों के लिए किया जाता है, तो सार्वजनिक परिवहन की उपेक्षा शहर के भविष्य को संकट में डाल सकती है।

यह प्रोजेक्ट परिवहन परियोजना नहीं है, बल्कि पूरी तरह से एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट है।

सूर्या ने परियोजना की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि DPR में बेंगलुरु के बजाय महाराष्ट्र के मालेगांव के ट्रैफिक डेटा का उपयोग किया गया है। इसके अलावा, उन्होंने चेतावनी दी कि इस परियोजना के लिए लालबाग पार्क की लगभग 6 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा सकता है, जो शहर के 'गार्डन सिटी' होने के गौरव को खतरे में डालता है।

उन्होंने कर्नाटक सरकार द्वारा 'पार्क संरक्षण अधिनियम' में किए गए संशोधनों की भी आलोचना की, जो पार्कों की भूमि को बुनियादी ढांचे के लिए उपयोग करने की अनुमति देते हैं। सूर्या का दावा है कि यह परियोजना 2028 के विधानसभा चुनावों के लिए धन जुटाने का एक जरिया मात्र है।

Did You Know?: बेंगलुरु को कभी 'गार्डन सिटी ऑफ इंडिया' कहा जाता था, लेकिन शहरीकरण के कारण इसके हरित क्षेत्र में भारी कमी आई है।

Frequently Asked Questions

1. तेजस्वी सूर्या ने टनल रोड को इतना महंगा क्यों कहा?
सूर्या के अनुसार, परियोजना की लागत लगभग ₹39,000-40,000 करोड़ है, जो प्रति किलोमीटर ₹1,400 के करीब बैठती है, जो इसे दुनिया की सबसे महंगी सड़कों में से एक बनाती है।

2. इस प्रोजेक्ट से लालबाग को क्या खतरा है?
आरोप है कि टनल के निर्माण और वाणिज्यिक परिसरों के लिए लालबाग की 6 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा सकता है।