कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सैन्य अधिकारियों के परस्पर विरोधी बयानों का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से 'ऑपरेशन सिंदूर' की आधिकारिक समीक्षा की मांग की है। उन्होंने चीन के प्रति सरकार के रुख पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

  • जयराम रमेश ने सैन्य अधिकारियों के विरोधाभासी बयानों पर चिंता जताई।
  • ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान-चीन सहयोग के स्तर पर भ्रम की स्थिति।
  • कांग्रेस ने कारगिल समीक्षा समिति की तर्ज पर आधिकारिक जांच की मांग की।

कांग्रेस के संचार प्रमुख जयराम रमेश ने गुरुवार को 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान और चीन के बीच सहयोग की सीमा को लेकर वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों द्वारा दिए गए विरोधाभासी बयानों पर तीखा हमला बोला है। रमेश ने सवाल उठाया है कि क्या सरकार चीन के प्रति अपनी नीति में बदलाव कर रही है या यह किसी बड़े नैरेटिव को बदलने की कोशिश है।

बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में पहलगाम हमले के जवाब में पाकिस्तान स्थित आतंकी शिविरों के खिलाफ भारत द्वारा चलाया गया एक महत्वपूर्ण सैन्य अभियान था। रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दो वीडियो क्लिप साझा करते हुए सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह और पूर्व रक्षा प्रमुख जनरल अनिल चौहान के बयानों के बीच के अंतर को उजागर किया।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, सैन्य नेतृत्व के बयानों में विसंगति राष्ट्रीय सुरक्षा की धारणा को प्रभावित कर सकती है। यदि शीर्ष अधिकारी एक ही घटना पर अलग-अलग जानकारी देते हैं, तो इससे जनता के बीच भ्रम पैदा होता है और रणनीतिक स्पष्टता की कमी झलकती है।

"देश भ्रमित है; क्या यह चीन के प्रति सरकार के सुनियोजित समर्पण का हिस्सा है?" - जयराम रमेश

रमेश ने आरोप लगाया कि लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान-चीन की 'जुगलबंदी' की गहराई के बारे में चिंताजनक जानकारी दी थी, जबकि जनरल चौहान के हालिया बयान इसके बिल्कुल विपरीत थे। उन्होंने सरकार पर चीन को 'क्लीन चिट' देने और बढ़ते व्यापार घाटे के माध्यम से चीन के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेता ने मांग की है कि 1999 के कारगिल युद्ध के बाद गठित कारगिल समीक्षा समिति की तर्ज पर 'ऑपरेशन सिंदूर' की एक व्यापक आधिकारिक समीक्षा की जानी चाहिए। उनका तर्क है कि वरिष्ठ अधिकारियों के अलग-अलग विवरण इस ऑपरेशन और इससे सीखे गए सबक के व्यवस्थित परीक्षण की आवश्यकता को दर्शाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. ऑपरेशन सिंदूर क्या था?
यह मई 2025 में पहलगाम हमले के जवाब में पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों के खिलाफ भारत द्वारा चलाया गया सैन्य अभियान था।

2. जयराम रमेश ने क्या मांग की है?
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की एक आधिकारिक समीक्षा की मांग की है ताकि सैन्य बयानों में विसंगतियों को स्पष्ट किया जा सके।

क्या आप जानते हैं?: कारगिल समीक्षा समिति का गठन युद्ध के बाद सैन्य और रणनीतिक कमियों को सुधारने के लिए किया गया था।