कर्नाटक सरकार ने राज्य के 101 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया है। उप मुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने संकेत दिया है कि आगामी समीक्षा के बाद इस सूची में और भी तालुके शामिल किए जा सकते हैं।

  • 101 तालुकों को आधिकारिक रूप से सूखा प्रभावित घोषित किया गया है।
  • अगले 15 दिनों में एक नई समीक्षा के बाद अधिक क्षेत्रों को शामिल किया जा सकता है।
  • केंद्र सरकार को अगस्त के अंत या सितंबर की शुरुआत में सूखा ज्ञापन सौंपा जाएगा।
  • राज्य सरकार ने ₹1,200 करोड़ की SDRF राशि जारी करने की मांग की है।

कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर ने शनिवार को घोषणा की कि राज्य सरकार ने अब तक 101 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित कर दिया है। मैसूरु में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अगले 15 दिनों में एक और विस्तृत समीक्षा की जाएगी, जिसके बाद सूखे की सूची में नए तालुकों को भी जोड़ा जा सकता है।

परमेश्वर ने बताया कि फसल के नुकसान का आकलन वर्तमान में किया जा रहा है। इस आकलन के आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा, "हम अगस्त के अंत या सितंबर के पहले सप्ताह तक केंद्र को सूखा ज्ञापन सौंप देंगे। इसके बाद केंद्रीय टीमें राज्य का दौरा करेंगी और नुकसान का आकलन करने के बाद ही राहत राशि जारी की जाएगी।"

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह संकट न केवल कृषि उत्पादन को प्रभावित करेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी गहरा दबाव डालेगा। यदि केंद्र से समय पर सहायता नहीं मिली, तो किसानों के लिए जीवन यापन करना कठिन हो जाएगा।

उप मुख्यमंत्री ने पिछले वर्ष (2023) के सूखे का संदर्भ देते हुए बताया कि कर्नाटक को लगभग ₹39,000 करोड़ का नुकसान हुआ था, जिसके लिए राज्य ने केंद्र से ₹18,000 करोड़ की राहत मांगी थी। उन्होंने चेतावनी दी कि पिछली बार की तरह स्थिति नहीं दोहराई जानी चाहिए, जहाँ सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही ₹3,500 करोड़ जारी किए गए थे।

"हमें केंद्र से अपील करनी होगी कि वे पिछले वर्ष की गलतियों को न दोहराएं और कर्नाटक को उसका उचित हक प्रदान करें।"

वर्तमान में, राज्य सरकार ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के तहत लगभग ₹1,200 करोड़ प्रदान करने का निर्णय लिया है। हालांकि, इस राशि का वितरण केंद्र से फंड प्राप्त होने पर निर्भर है। केंद्र का हिस्सा 75% और राज्य का हिस्सा 25% है। परमेश्वर ने कहा कि जैसे ही केंद्र से फंड जारी होगा, राज्य 7 से 10 दिनों के भीतर किसानों को राहत राशि वितरित कर सकेगा।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

कर्नाटक का कृषि क्षेत्र मानसून की अनिश्चितता के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है। पिछले कुछ वर्षों में, अनियमित वर्षा के पैटर्न ने राज्य के कई हिस्सों में सूखे की स्थिति पैदा की है, जिससे फसल चक्र बाधित हुआ है और किसानों की ऋणग्रस्तता बढ़ी है।

Did You Know?: कर्नाटक में सूखे की घोषणा के लिए विशिष्ट मानदंडों और वर्षा के आंकड़ों का उपयोग किया जाता है ताकि राहत वितरण में पारदर्शिता बनी रहे।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: सरकार ने कितने तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया है?
उत्तर: वर्तमान में 101 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है।

प्रश्न 2: किसानों को राहत राशि कब मिलेगी?
उत्तर: केंद्र से SDRF फंड प्राप्त होने के बाद, राज्य सरकार 7 से 10 दिनों के भीतर राशि वितरित करने का लक्ष्य रखती है।