भाजपा ने हल्द्वानी की घटना में जातिगत भेदभाव के आरोपों को खारिज करते हुए राहुल गांधी पर समाज को बांटने वाली राजनीति करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने दो अनुसूचित जाति के गवाहों के बयान का हवाला देते हुए कांग्रेस के दावों को निराधार बताया है।

  • भाजपा ने हल्द्वानी में कथित 'शुद्धिकरण' अनुष्ठान के मामले में जातिगत भेदभाव के दावों को पूरी तरह नकारा।
  • कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्राथमिकी (FIR) की मांग को भाजपा ने राजनीतिक अवसर बताया।
  • दो अनुसूचित जाति के चश्मदीदों ने भाजपा के पक्ष में बयान दिया है।
  • भाजपा ने कांग्रेस पर 'नव-सामंती' और 'दलित विरोधी' होने का आरोप लगाया।

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुई एक कथित घटना को लेकर कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। भाजपा का कहना है कि राहुल गांधी द्वारा लगाए गए 'जातिगत भेदभाव' के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं और यह केवल राजनीतिक लाभ के लिए रची गई एक साजिश है।

गवाहों के बयान ने पलटा पासा

भाजपा नेताओं गुरु प्रकाश पासवान और सुधांशु त्रिवेदी ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि दो अनुसूचित जाति (SC) के चश्मदीद गवाहों ने राहुल गांधी के नैरेटिव को ध्वस्त कर दिया है। इन गवाहों ने स्पष्ट किया कि मंच की सफाई और 'हवन' का आयोजन करने वाली संस्था के सदस्यों ने किसी भी प्रकार के जातिगत भेदभाव का अनुभव नहीं किया। भाजपा ने तर्क दिया कि इस मामले को उठाने में 20 दिनों की देरी यह दर्शाती है कि यह कोई वास्तविक कानूनी मुद्दा नहीं बल्कि एक सोची-समझी राजनीतिक चाल है।

राजनीतिक एजेंडा और विभाजनकारी राजनीति

भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी जानबूझकर समाज को बांटने वाले मुद्दों को हवा दे रही है। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस लिंग, क्षेत्र, भाषा और अब जाति के आधार पर हिंदुओं के बीच संघर्ष पैदा करने की कोशिश कर रही है। भाजपा ने राहुल गांधी द्वारा हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली स्थल पर 'शुद्धिकरण' अनुष्ठान के आरोपों को गलत बताया और कहा कि यह केवल एक धार्मिक स्थल (रामलीला स्थल) पर होने वाली सामान्य प्रक्रिया थी।

कांग्रेस पर 'दलित विरोधी' होने का आरोप

गुरु प्रकाश पासवान ने कांग्रेस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर सवाल उठाते हुए उसे 'नव-सामंती' और 'दलित विरोधी' करार दिया। उन्होंने डॉ. बी.आर. अंबेडकर और बाबू जगजीवन राम का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा दलित समुदायों के साथ अन्याय किया है। पासवान ने तर्क दिया कि भाजपा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल जैसे नेताओं को ऊंचे पदों पर बैठाकर समाज के हर वर्ग का सम्मान किया है, जबकि कांग्रेस शासित राज्यों में दलितों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं आम हैं।

भाजपा का तर्क है कि कांग्रेस पहचान की राजनीति का उपयोग करके सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
Did You Know?: बाबू जगजीवन राम भारत के पहले दलित उप-प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने बाद में कांग्रेस छोड़ दी थी।

Frequently Asked Questions

1. भाजपा ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाया है?
भाजपा ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी हल्द्वानी की घटना का उपयोग समाज में जातिगत विभाजन पैदा करने के लिए कर रहे हैं।

2. हल्द्वानी की घटना क्या थी?
राहुल गांधी का आरोप था कि मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली स्थल पर एक 'शुद्धिकरण' अनुष्ठान आयोजित किया गया था, जिसे भाजपा ने सामान्य धार्मिक प्रक्रिया बताया है।