तमिलनाडु की नई सरकार ने DMK अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की सुरक्षा में बड़ी कटौती की है, जिससे उनके सुरक्षा घेरे में भारी कमी आई है।

  • एम.के. स्टालिन की सुरक्षा 58 पुलिसकर्मियों से घटाकर 33 कर दी गई है।
  • Z-कैटेगरी के समकक्ष मिलने वाली 'कोर सेल' सुरक्षा अब वापस ले ली गई है।
  • अब उन्हें केवल चार पुलिसकर्मियों की एस्कॉर्ट सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
  • उनके व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी (PSO) की सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी।

तमिलनाडु की वर्तमान TVK-नेतृत्व वाली सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए DMK अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को दी जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था में भारी कटौती कर दी है। प्रशासनिक आदेशों के अनुसार, अब उन्हें पहले की तुलना में काफी कम सुरक्षा घेरे में रखा जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, पूर्व में एम.के. स्टालिन को 58 पुलिसकर्मियों का एक बड़ा दस्ता प्रदान किया जाता था। हालांकि, सुरक्षा प्रोटोकॉल में बदलाव के बाद अब इस संख्या को घटाकर 33 कर दिया गया है। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि उन्हें मिलने वाली 'कोर सेल' सुरक्षा, जो कि सुरक्षा शाखा CID की एक विशिष्ट और कुलीन इकाई है, उसे अब वापस ले लिया गया है।

सुरक्षा प्रोटोकॉल में क्या बदलाव हुआ?

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्टालिन को मिलने वाली 'कोर सेल' श्रेणी की सुरक्षा, जो कि Z-कैटेगरी के समान उच्च स्तरीय सुरक्षा मानी जाती थी, शनिवार से प्रभावी रूप से समाप्त कर दी गई है। चूंकि वे अब मुख्यमंत्री नहीं बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री हैं, इसलिए उन्हें केवल 'एस्कॉर्ट सुरक्षा' प्रदान की जाएगी।

नई व्यवस्था के तहत, अब उन्हें केवल चार पुलिसकर्मियों की एक छोटी टीम प्रदान की जाएगी, जिसका नेतृत्व एक उप-निरीक्षक (SI) करेंगे। हालांकि, उनके व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी (PSO) की भूमिका में कोई बदलाव नहीं किया गया है और वे उनकी सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगे।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि राजनीतिक नेतृत्व में बदलाव के साथ सुरक्षा प्रोटोकॉल का बदलना एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है, लेकिन विपक्षी नेताओं की सुरक्षा में इतनी बड़ी कटौती राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। यह निर्णय पूर्व मुख्यमंत्री के पद और वर्तमान सुरक्षा मानकों के बीच के अंतर को रेखांकित करता है।

सुरक्षा में यह कटौती केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं है, बल्कि यह सत्ता परिवर्तन के बाद सुरक्षा मानकों के पुनर्मूल्यांकन का एक स्पष्ट संकेत है।
Did You Know?: 'कोर सेल' सुरक्षा भारत में अत्यंत उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों को प्रदान की जाने वाली विशेष सुरक्षा श्रेणी है।
विशेषतापुरानी सुरक्षानई सुरक्षा
कुल पुलिसकर्मी5833 (एस्कॉर्ट सहित)
सुरक्षा श्रेणीकोर सेल (Z-कैटेगरी समकक्ष)एस्कॉर्ट सुरक्षा
नेतृत्वविशेषज्ञ CID इकाईउप-निरीक्षक (SI)

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या एम.के. स्टालिन की व्यक्तिगत सुरक्षा (PSO) को हटाया गया है?
उत्तर: नहीं, उनके व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी (PSO) की सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी।

प्रश्न 2: नई सुरक्षा व्यवस्था में कितने पुलिसकर्मी शामिल हैं?
उत्तर: अब उन्हें केवल चार पुलिसकर्मियों की एस्कॉर्ट टीम प्रदान की जाएगी।