कोलकाता में एक रैली को संबोधित करते हुए, ममता बनर्जी ने दावा किया कि एनसीपी में शामिल होने वाले 20 विद्रोही टीएमसी सांसदों का निष्कासन निकट है। उन्होंने भाजपा पर बंगाल के संसाधनों को 'चोरी' से कब्जाने और पुलिस के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

  • ममता बनर्जी ने दावा किया कि एनसीपी में शामिल 20 विद्रोही टीएमसी सांसदों का निष्कासन जल्द होगा।
  • उन्होंने भाजपा पर बंगाल में 'चोरी के माध्यम से सत्ता कब्जाने' का गंभीर आरोप लगाया।
  • पूर्व मुख्यमंत्री ने बंगाल पुलिस पर 'अमानवीय' व्यवहार करने और भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया।
  • रैली के दौरान टीएमसीपी के स्थापना दिवस के अवसर पर विपक्षी नेताओं ने भी तीखे हमले किए।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को कोलकाता में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राजनीतिक हलचल तेज कर दी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि राष्ट्रवादी नागरिक पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल होने वाले 20 विद्रोही टीएमसी सांसदों का आधिकारिक रूप से अयोग्य घोषित होना अब केवल समय का विषय है।

यह बयान लोकसभा सचिवालय द्वारा उन विद्रोही सांसदों को नोटिस जारी करने के कुछ दिनों बाद आया है, जिनसे टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी द्वारा दलबदल विरोधी कानून के तहत दायर याचिकाओं पर सात दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। ममता बनर्जी ने तंज कसते हुए कहा, "हमें संकेत मिल चुका है। अब यह बस समय की बात है। इस बीच, आप (विद्रोही सांसद) कुछ दिनों तक दूध-चावल और मछली का आनंद लें।"

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह आंतरिक कलह न केवल तृणमूल कांग्रेस की स्थिरता को चुनौती दे रही है, बल्कि पश्चिम बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य को भी पूरी तरह से बदल सकती है। यदि 20 सांसद अयोग्य घोषित होते हैं, तो यह राज्य में सत्ता संतुलन और आगामी चुनावों की रणनीति को गहराई से प्रभावित करेगा।

"ममता बनर्जी का यह आक्रामक रुख दर्शाता है कि पार्टी अपने भीतर के विद्रोह को कुचलने के लिए कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर युद्ध के लिए तैयार है।"

ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पास कोई वास्तविक संगठन नहीं है और उसने बंगाल पर 'चोरी' के माध्यम से कब्जा किया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस अब 'मानवीय' नहीं रही और भाजपा के दबाव में काम कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें जिला दौरों के लिए अनुमति नहीं दी गई, तो वह पैदल मार्च करेंगी।

रैली के दौरान, उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए और कहा कि वोटों की लूट 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)' के नाम पर की गई है। उन्होंने कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न और हिंसा की घटनाओं का भी उल्लेख किया, जो कथित तौर पर सत्ता के दुरुपयोग का परिणाम हैं।

Did You Know?: ममता बनर्जी का छात्र संगठन, टीएमसीपी (TMCP), बंगाल की राजनीति में एक बहुत ही प्रभावशाली शक्ति रहा है, जो अक्सर बड़े आंदोलनों का नेतृत्व करता है।

Frequently Asked Questions

1. विद्रोही टीएमसी सांसद कौन हैं?
ये वे सांसद हैं जिन्होंने हाल ही में राष्ट्रवादी नागरिक पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) का साथ दिया है और जिनके खिलाफ दलबदल विरोधी कानून के तहत कार्यवाही चल रही है।

2. ममता बनर्जी ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल पुलिस अब अमानवीय हो गई है और भाजपा के इशारे पर लोगों का उत्पीड़न कर रही है।