केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने केपीएससी (KPSC) के माध्यम से सहायक कार्यकारी इंजीनियरों की भर्ती में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने इस घोटाले के लिए गृह मंत्री प्रियांक खड़गे को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की है।

  • केपीएससी के माध्यम से सहायक कार्यकारी इंजीनियरों की भर्ती में भारी अनियमितताओं के आरोप।
  • एचडी कुमारस्वामी ने प्रियांक खड़गे के इस्तीफे की मांग की।
  • ओएमआर शीट में हेरफेर और बिना नियमों के नियुक्तियों का दावा।
  • मामले की सीबीआई जांच की मांग की गई है।

बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति में एक नया भूचाल आ गया है। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) द्वारा ग्रामीण विकास और पंचायत राज विभाग में सहायक कार्यकारी इंजीनियरों की भर्ती में गंभीर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए गृह मंत्री प्रियांक खड़गे से तत्काल इस्तीफे की मांग की है।

जेडीएस कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, कुमारस्वामी ने भर्ती प्रक्रिया में धांधली के दस्तावेज़ सार्वजनिक किए। उन्होंने दावा किया कि 2022 में जारी किए गए सहायक कार्यकारी इंजीनियरों के पदों के लिए चयन सूची में व्यापक हेरफेर किया गया है। कुमारस्वामी के अनुसार, प्रोविजनल लिस्ट में शामिल कुछ उम्मीदवार परीक्षा में पास ही नहीं हुए थे, फिर भी उन्हें चयनित घोषित कर दिया गया।

भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं

कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि सीआईडी जांच से यह स्पष्ट हो गया है कि ओएमआर (OMR) शीट के साथ छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज की अनुपलब्धता और उप-समिति के सहयोग की कमी के बावजूद, नियमों को ताक पर रखकर जल्दबाजी में अंतिम सूची जारी कर दी गई। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अदालत के आदेशों और नियमों का उल्लंघन करते हुए, बिना अध्यक्ष के हस्ताक्षर के 24 उम्मीदवारों को नियुक्ति आदेश दिए गए और पिछले एक साल से उन्हें वेतन भी दिया जा रहा है।

कुमारस्वामी ने प्रियांक खड़गे की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब वे ग्रामीण विकास मंत्री थे, तब उन्हें इन अनियमितताओं की जानकारी क्यों नहीं हुई या उन्होंने इन नियुक्तियों को अनुमति क्यों दी? उन्होंने कहा कि पारदर्शिता की बात करने वाले मंत्री के विभाग में ही 'किकबैक' का खेल चल रहा है।

"पारदर्शिता की बात करने वाले नेताओं को अपने विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।"

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला केवल एक भर्ती घोटाले तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की प्रशासनिक अखंडता और युवाओं के भविष्य पर गहरा प्रहार है। यदि नियुक्तियों में भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है, तो यह सरकार की विश्वसनीयता को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों को जन्म दे सकता है।

इसके अतिरिक्त, कुमारस्वामी ने आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों पर भी प्रियांक खड़गे को घेरा। उन्होंने कहा कि गृह विभाग इस मामले में जनता को गुमराह कर रहा है। उन्होंने युवाओं और 'जेन जी' पीढ़ी से इस अन्याय के खिलाफ सड़कों पर उतरने का आह्वान किया।

Did You Know?: ओएमआर (OMR) शीट का उपयोग बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर देने के लिए किया जाता है, और इसमें डिजिटल हेरफेर करना एक गंभीर साइबर अपराध की श्रेणी में आता है।

Frequently Asked Questions

1. एचडी कुमारस्वामी ने किन विशिष्ट अनियमितताओं का आरोप लगाया है?
उन्होंने ओएमआर शीट में हेरफेर, बिना योग्यता के उम्मीदवारों का चयन और बिना आवश्यक हस्ताक्षर के नियुक्ति आदेश जारी करने का आरोप लगाया है।

2. कुमारस्वामी ने क्या मांग की है?
उन्होंने प्रियांक खड़गे के इस्तीफे और इस पूरे भर्ती घोटाले की सीबीआई (CBI) जांच की मांग की है।