केरल के नेता प्रतिपक्ष पिणारई विजयन ने पय्यानूर विधानसभा क्षेत्र में CPI(M) की हार के लिए पूर्व नेता वी. कुन्हीकृष्णन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुन्हीकृष्णन ने पार्टी के विरोधियों के साथ मिलकर काम किया।

  • पिणारई विजयन ने स्वतंत्र विधायक वी. कुन्हीकृष्णन पर CPI(M) के विरोधियों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया।
  • पय्यानूर में CPI(M) का वोट शेयर 62% से गिरकर 44% पर आ गया है।
  • विजयन ने कहा कि पार्टी के भीतर से ही दुश्मनों को मदद पहुंचाई गई।

केरल के नेता प्रतिपक्ष पिणारई विजयन ने शनिवार को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक सभा के दौरान CPI(M) के गढ़ माने जाने वाले पय्यानूर विधानसभा क्षेत्र में पार्टी की हार पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया। विजयन ने सीधे तौर पर स्वतंत्र विधायक वी. कुन्हीकृष्णन पर निशाना साधते हुए उन्हें पार्टी के दुश्मनों के हाथों का 'कुल्हाड़ी' करार दिया।

विजयन ने पार्टी के भीतर चल रही साजिशों का खुलासा करते हुए कहा कि कुन्हीकृष्णन, जो कभी CPI(M) के नेता थे, ने पार्टी में रहते हुए ही उसके खिलाफ काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुन्हीकृष्णन ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का हिस्सा रहते हुए भी पार्टी की साख को नुकसान पहुंचाने और विरोधियों के साथ गठबंधन करने का प्रयास किया।

हार के आंकड़े और विश्लेषण

पय्यानूर में चुनावी परिणामों का विश्लेषण करते हुए विजयन ने बताया कि पार्टी का आधार काफी हद तक कमजोर हुआ है। 2021 के विधानसभा चुनावों में जहां CPI(M) का वोट शेयर 62% से अधिक था, वहीं इस बार यह घटकर मात्र 44% रह गया है। दूसरी ओर, UDF ने लगभग 49% वोट हासिल किए।

विजयन के अनुसार, सबसे बड़ी चिंता यह है कि लगभग 18% मतदाता, जो पारंपरिक रूप से पार्टी के साथ थे, इस बार LDF के साथ नहीं खड़े हुए। उन्होंने इस 'वोट लीकेज' को पार्टी के लिए एक गंभीर चेतावनी माना है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि पय्यानूर जैसी सुरक्षित सीटों पर हार केवल स्थानीय मुद्दों का परिणाम नहीं है, बल्कि यह आंतरिक अनुशासन और नेतृत्व के प्रति विश्वास की कमी को भी दर्शाती है। यदि CPI(M) अपने कोर वोट बैंक को वापस पाने में विफल रहती है, तो केरल की राजनीति में शक्ति संतुलन बदल सकता है।

पय्यानूर की हार केवल एक सीट का नुकसान नहीं है, बल्कि यह पार्टी के भीतर पनप रहे असंतोष का एक स्पष्ट संकेत है।

विजयन ने UDF सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि UDF और भाजपा (BJP) के बीच एक गुप्त गठबंधन है। उन्होंने PM SHRI योजना और वक्फ बोर्ड में नियुक्तियों जैसे मुद्दों का हवाला देते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने यह भी दावा किया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आधिकारिक कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम' न गाना भी इसी राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा है।

Historical Background

पय्यानूर ऐतिहासिक रूप से केरल में वामपंथी राजनीति का केंद्र रहा है। यहाँ के मतदाता दशकों से CPI(M) और LDF के प्रति वफादार रहे हैं। वी. कुन्हीकृष्णन का पार्टी से निष्कासन और उसके बाद स्वतंत्र रूप से चुनाव जीतना केरल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।

Did You Know?: पय्यानूर को अक्सर केरल में वामपंथी विचारधारा का अभेद्य किला माना जाता रहा है।

Frequently Asked Questions

1. पिणारई विजयन ने कुन्हीकृष्णन पर क्या आरोप लगाए हैं?
विजयन ने आरोप लगाया कि कुन्हीकृष्णन ने CPI(M) के विरोधियों के साथ हाथ मिलाया और पार्टी के भीतर रहते हुए उसे नुकसान पहुँचाया।

2. पय्यानूर में CPI(M) के वोट शेयर में कितनी गिरावट आई है?
CPI(M) का वोट शेयर 2021 में 62% से गिरकर इस चुनाव में 44% हो गया है।