मणिपुर के नोनी जिले में ज़ेलीआंगरोंग यूनाइटेड फ्रंट (ZUF) के दो गुटों के बीच हिंसक झड़प में दो कैडर मारे गए और छह अन्य घायल हो गए। यह घटना शांति समझौते के बावजूद क्षेत्र में बढ़ते तनाव को दर्शाती है।

  • ZUF के जेन्चुई और कामसन गुटों के बीच हिंसक झड़प।
  • दो कैडर की मौत और छह अन्य गंभीर रूप से घायल।
  • शांति समझौते (Cessation of Operations) के बावजूद हिंसा में वृद्धि।

मणिपुर के नोनी जिले में शनिवार को भारी गोलीबारी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ज़ेलीआंगरोंग यूनाइटेड फ्रंट (ZUF) के दो अलग-अलग गुटों—ZUF-जेन्चुई और ZUF-कामसन—के बीच वर्चस्व की लड़ाई ने एक बार फिर हिंसा का रूप ले लिया है। पिछले 24 घंटों के भीतर हुई इन दो अलग-अलग घटनाओं में दो सशस्त्र लड़ाकों की मौत हो गई है, जबकि छह अन्य घायल हैं।

ताजा घटनाक्रम और संघर्ष का विवरण

शनिवार सुबह लगभग 6 बजे, नोनी जिला मुख्यालय से 5 किमी उत्तर-पूर्व में स्थित नंगटेक पार्ट II और हाओचोंग के बीच भीषण गोलीबारी शुरू हुई। अधिकारियों के अनुसार, यह हमला ZUF-कामसन गुट द्वारा किया गया एक घात लगाकर किया गया हमला (ambush) था। इस संघर्ष में विस्फोटकों का भी उपयोग किया गया। इस मुठभेड़ में 29 वर्षीय जंगैलुंग, जो ZUF-जेन्चुई गुट में स्वयं को लेफ्टिनेंट बताता था, मारा गया। वहीं, छह अन्य घायल कैडर को इलाज के लिए इंफाल के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

क्यों यह मामला गंभीर है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ये झड़पें केवल स्थानीय गुटबाजी नहीं हैं, बल्कि यह उस शांति प्रक्रिया के लिए एक बड़ा झटका है जो मणिपुर में स्थिरता लाने के लिए बनाई गई थी। ZUF एक सशस्त्र संगठन है जो भारत सरकार और मणिपुर सरकार के साथ 'सीसेशन ऑफ ऑपरेशंस' (CoO) समझौते के तहत काम कर रहा है। इस समझौते का उद्देश्य हिंसा को रोकना था, लेकिन हालिया घटनाएं बताती हैं कि जमीनी स्तर पर गुटों के बीच दरारें गहरी होती जा रही हैं।

शांति समझौतों के बावजूद आंतरिक गुटबाजी का बढ़ना क्षेत्र में अस्थिरता का संकेत है।

इससे ठीक एक दिन पहले, ओकटन गांव में भी इसी तरह की झड़प हुई थी, जिसमें ZUF-कामसन गुट के मुख्य सचिव डिंगतिप्लुंग गोमेई की मौत हो गई थी। स्थानीय 'मैरा पैबी' (महिला स्वयंसेविकाएं) और पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा कारणों से वे संघर्ष स्थल तक नहीं पहुंच सके।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

Zeliangrong United Front (ZUF) एक प्रमुख सशस्त्र समूह रहा है जिसने लंबे समय तक क्षेत्र में सक्रियता दिखाई है। दिसंबर 2022 में नई दिल्ली में एक त्रिपक्षीय शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे, जिसके तहत एक संयुक्त निगरानी समूह (Joint Monitoring Group) का गठन किया गया था। हालांकि, इन घटनाओं ने निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता पर सवाल उठा दिए हैं।

Frequently Asked Questions

1. ZUF क्या है?
ZUF (ज़ेलीआंगरोंग यूनाइटेड फ्रंट) एक सशस्त्र संगठन है जो वर्तमान में सरकार के साथ शांति समझौते के तहत है।

2. हिंसा का मुख्य कारण क्या है?
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, यह ZUF के दो आंतरिक गुटों (जेन्चुई और कामसन) के बीच वर्चस्व की लड़ाई है।