JNU के प्रोफेसर अमिताभ मट्टू ने कहा है कि जम्मू और कश्मीर को एक ऐसा स्थान बनना चाहिए जहाँ प्रतिभा पलायन करने के बजाय फल-फूल सके। उन्होंने राज्य का दर्जा बहाल करने और आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
- जम्मू और कश्मीर को प्रतिभा पलायन (Brain Drain) रोकने के लिए स्थानीय अवसर पैदा करने होंगे।
- राज्य का दर्जा बहाल करना और लोकतांत्रिक जीवन को मजबूत करना अनिवार्य है।
- बागवानी, पर्यटन और तकनीक जैसे क्षेत्रों में निवेश करने की आवश्यकता है।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में अंतरराष्ट्रीय अध्ययन स्कूल के डीन, अमिताभ मट्टू ने रविवार को एक महत्वपूर्ण व्याख्यान के दौरान जम्मू और कश्मीर के भविष्य पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र को एक ऐसी जगह में बदलना होगा जहाँ प्रतिभाशाली युवा अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बाहर न भागें, बल्कि वहीं रहकर विकास कर सकें।
वी. एन. बहादुर मेमोरियल लेक्चर के दौरान, मट्टू ने 'जम्मू और कश्मीर आज: अवसर और चुनौतियां' विषय पर बात करते हुए कहा कि अगले दशक का मुख्य लक्ष्य स्थानीय प्रतिभा को बनाए रखना होना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालयों के निर्माण, उद्यमियों को समर्थन देने, प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने और बागवानी, पर्यटन एवं रचनात्मक उद्योगों में निवेश करने का आह्वान किया। उन्होंने चेतावनी दी कि संघर्ष से प्रभावित समाज में लंबे समय तक व्याप्त निराशा खतरनाक हो सकती है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि जम्मू और कश्मीर में अब चुनौती केवल क्षेत्रीय एकीकरण की नहीं है, बल्कि नागरिकों के मन में 'अपनेपन' की भावना को मजबूत करने की है। यदि युवा आर्थिक और शैक्षिक अवसरों की कमी के कारण पलायन करते रहते हैं, तो यह क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास के लिए एक गंभीर खतरा बन सकता है।
"सच्ची सामान्यता केवल हिंसा की अनुपस्थिति नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक जीवन की उपस्थिति है।"
मट्टू ने अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण के सात साल बाद सुरक्षा वातावरण में सुधार और जीवन की पूर्वानुमेयता (predictability) को स्वीकार किया। उन्होंने 2024 के विधानसभा चुनावों को सामान्य स्थिति की ओर एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया, जहाँ चुनाव संप्रभुता के बजाय नौकरियों, अस्पतालों और स्कूलों जैसे बुनियादी मुद्दों पर लड़े गए।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
जम्मू और कश्मीर का इतिहास दशकों से राजनीतिक उथल-पुथल और संघर्षों से भरा रहा है। अनुच्छेद 370 के हटने के बाद, केंद्र सरकार ने प्रशासनिक और सुरक्षा ढांचे में बड़े बदलाव किए हैं, जिसका उद्देश्य क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ना है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: अमिताभ मट्टू ने जम्मू और कश्मीर के लिए क्या सुझाव दिया?
उत्तर: उन्होंने स्थानीय प्रतिभा को रोकने के लिए शिक्षा, तकनीक और उद्यमिता में निवेश करने का सुझाव दिया।
प्रश्न 2: 2024 के चुनावों को महत्वपूर्ण क्यों माना जा रहा है?
उत्तर: क्योंकि ये चुनाव विकास और बुनियादी सुविधाओं पर केंद्रित थे, जो लोकतंत्र में बढ़ते विश्वास को दर्शाते हैं।