बेंगलुरु में चुनाव आयोग के विशेष मतदाता सुधार अभियान (SIR) के दौरान भारी अव्यवस्था देखने को मिली, जहां कई मतदान केंद्र बंद मिले और बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) भी गायब रहे।

  • बेंगलुरु के कई निर्वाचन क्षेत्रों में विशेष शिविरों के लिए निर्धारित मतदान केंद्र बंद पाए गए।
  • बूथ स्तर के अधिकारियों (BLOs) की अनुपस्थिति ने मतदाता सुधार प्रक्रिया को बाधित किया।
  • मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) की वेबसाइट पर ड्राफ्ट लिस्ट में त्रुटियां और जानकारी का अभाव पाया गया।

बेंगलुरु में निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे महत्वाकांक्षी विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision - SIR) अभियान के दूसरे दिन भारी प्रशासनिक विफलता सामने आई है। रविवार को किए गए निरीक्षण में पाया गया कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में निर्धारित मतदान केंद्र न केवल बंद थे, बल्कि उन पर लोहे की जंजीरें लटकी हुई थीं। यह स्थिति उन मतदाताओं के लिए बड़ी निराशा लेकर आई जो अपने मतदाता विवरणों में सुधार करने के लिए इन शिविरों पर निर्भर थे।

क्षेत्रवार विफलता और बंद पड़े स्कूल

निरीक्षण के दौरान मल्लेश्वरम के गवर्नमेंट प्राइमरी मॉडल स्कूल में लोहे की जंजीरों से बंधा हुआ दरवाजा देखा गया। इसी तरह, शिवजीनगर और हेब्बल केंपपुरा के कई स्कूल भी बंद पाए गए। हालांकि जे.सी. नगर के कुछ स्कूल खुले थे, लेकिन वे चुनावी गतिविधियों के लिए नहीं बल्कि स्थानीय बच्चों के खेल के लिए उपयोग किए जा रहे थे। जैन हेरिटेज स्कूल और गवर्नमेंट मॉडल उर्दू स्कूल जैसे महत्वपूर्ण केंद्रों पर भी सन्नाटा पसरा रहा।

क्यों यह मामला गंभीर है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी को कमजोर करने वाला कदम है। जब मतदाता फॉर्म-6 और फॉर्म-8 के माध्यम से अपनी पहचान सुनिश्चित करने की कोशिश करते हैं, तो केंद्रों का बंद होना उनके अधिकारों का हनन है।

प्रशासनिक उदासीनता और सूचना के अभाव के कारण मतदाता सुधार की पूरी प्रक्रिया पटरी से उतरती नजर आ रही है।

इसके अतिरिक्त, कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने वादा किया था कि ड्राफ्ट लिस्ट मतदान केंद्रों और ग्राम पंचायत कार्यालयों में चस्पा की जाएगी, लेकिन धरातल पर ऐसी कोई सूची नहीं मिली। जो सूची ऑनलाइन उपलब्ध है, उसमें भी भारी त्रुटियां हैं; कई मतदाताओं के नाम गायब हैं या उनके पते और शुरुआती अक्षर (initials) गलत दर्ज हैं।

जागरूकता का अभाव और अधिकारियों का रवैया

शिवमोग्गा जैसे जिलों में जहां अधिकारियों ने जागरूकता के लिए बाइक रैली निकाली, वहीं बेंगलुरु में इस अभियान का प्रचार-प्रसार लगभग नगण्य रहा। स्थानीय राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी इस अभियान से अनजान थे। चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ BLOs का तर्क था कि उन्हें केवल फोटो खींचकर उपस्थिति दर्ज कराने और शिकायतों का समाधान फोन पर करने के लिए कहा गया था, जो कि चुनावी नियमों की मूल भावना के विरुद्ध है।

Did You Know?: मतदाता सूची में सुधार के लिए फॉर्म-8 का उपयोग किया जाता है, जो नाम, पता या जन्मतिथि में बदलाव के लिए अनिवार्य है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: SIR अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य मतदाता सूची का गहन संशोधन करना और मतदाताओं को फॉर्म-6 और फॉर्म-8 के माध्यम से त्रुटियों को सुधारने में मदद करना है।

प्रश्न 2: यदि मतदाता सूची में नाम न मिले तो क्या करें?
उत्तर: मतदाता आधिकारिक CEO वेबसाइट पर जाकर सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं या आगामी विशेष शिविरों का लाभ उठा सकते हैं।