बेंगलुरु के ऐतिहासिक लालबाग में पार्क संशोधन विधेयक और टनल रोड प्रोजेक्ट के विरोध में हजारों नागरिकों, छात्रों और राजनेताओं ने विशाल विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस बिल को तुरंत वापस लेने की मांग की है।

  • लालबाग संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ हजारों लोगों का विरोध प्रदर्शन।
  • सरकार द्वारा पार्क की 5% भूमि को टनल रोड प्रोजेक्ट के लिए देने के प्रावधान का विरोध।
  • 91 वर्षीय पर्यावरण कार्यकर्ता ए.एन. यल्लाप्पा रेड्डी और भाजपा सांसदों का नेतृत्व।
  • प्रदर्शनकारियों ने बिल को रद्द करने और टनल प्रोजेक्ट को रोकने की मांग की।

बेंगलुरु के प्रतिष्ठित लालबाग बॉटनिकल गार्डन में रविवार को जनसैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में नागरिकों, बच्चों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWAs), कन्नड़ कार्यकर्ताओं और प्रमुख भाजपा सांसदों ने सरकार द्वारा लाए गए हालिया पार्क (संरक्षण) (संशोधन) विधेयक, 2026 के खिलाफ आवाज उठाई। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से टनल रोड प्रोजेक्ट और उस संशोधन के खिलाफ था जो सरकार को पार्क की भूमि का एक हिस्सा आवंटित करने की शक्ति देता है।

प्रदर्शन का नेतृत्व 91 वर्षीय प्रख्यात पर्यावरण कार्यकर्ता ए.एन. यल्लाप्पा रेड्डी ने किया। प्रदर्शनकारियों ने लालबाग की प्राचीन चट्टान (Peninsular Gneiss), जो लगभग 3.4 अरब वर्ष पुरानी मानी जाती है, को गले लगाकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। प्रदर्शन के दौरान 'हासिरे उसिरु, उलिसि उलिसि लालबाग उलिसि' जैसे नारे गूंजते रहे, जो पार्क के संरक्षण की पुकार थे।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह केवल एक पार्क बचाने की लड़ाई नहीं है, बल्कि शहरी विकास बनाम पर्यावरण संरक्षण के बीच एक बड़े संघर्ष का प्रतीक है। प्रस्तावित विधेयक सरकार को लालबाग के 5% हिस्से को टनल रोड प्रोजेक्ट के लिए उपयोग करने की अनुमति देता है। यदि यह पारित होता है, तो यह भविष्य में अन्य शहरी पार्कों के लिए भी एक खतरनाक मिसाल कायम कर सकता है।

पर्यावरण का विनाश केवल पेड़ों का कटना नहीं है, बल्कि शहर के फेफड़ों को स्थायी रूप से नष्ट करना है।

भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्य, सी.एन. मंजुनाथ, शोभा करंदलाजे और पी.सी. मोहन ने इस विरोध प्रदर्शन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। तेजस्वी सूर्य ने चेतावनी दी कि यह आंदोलन केवल लालबाग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शहर के हर पार्क तक जाएगा जब तक कि सरकार इस संशोधन को वापस नहीं लेती।

छात्रों और युवाओं ने भी इस आंदोलन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कॉलेज छात्र आदर्श एम. ने कहा कि सरकार को मौजूदा हरित क्षेत्र को नष्ट करने के बजाय बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी और सार्वजनिक बसों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने चिंता जताई कि आज 5% भूमि ली जा रही है, कल यह और बढ़ सकती है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

लालबाग बॉटनिकल गार्डन बेंगलुरु का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और पारिस्थितिक स्थल है। इसकी चट्टानें दुनिया की सबसे पुरानी संरचनाओं में से एक मानी जाती हैं। 1975 का पार्क संरक्षण अधिनियम पार्कों की सुरक्षा के लिए बनाया गया था, लेकिन 2026 का नया संशोधन इस सुरक्षा कवच को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. विरोध का मुख्य कारण क्या है?
विरोध का मुख्य कारण 'पार्क (संरक्षण) (संशोधन) विधेयक, 2026' है, जो सरकार को टनल रोड प्रोजेक्ट के लिए लालबाग की 5% भूमि देने की अनुमति देता है।

2. प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग क्या है?
प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि सरकार संशोधन विधेयक को तुरंत रद्द करे और टनल रोड प्रोजेक्ट को बंद करे।