हरियाणा के 93 ब्लॉकों में पीने के पानी की गुणवत्ता में खतरनाक गिरावट दर्ज की गई है। कांग्रेस विधायक आदित्य सरजेवाला ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पलवल और नूह जैसे जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं।

  • हरियाणा के 142 में से 93 ब्लॉकों (65.5%) में पानी की गुणवत्ता 2022 के मुकाबले गिर गई है।
  • 88 ब्लॉकों में TDS का स्तर 500 mg/L की स्वीकार्य सीमा से काफी ऊपर है।
  • पलवल में TDS 74% बढ़ा है, जबकि नूह के इन्द्री ब्लॉक में यह 1,974 mg/L तक पहुँच गया है।

हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान पेश किए गए सरकारी आंकड़ों ने राज्य में जल संकट और गिरते जल स्तर की भयावह तस्वीर पेश की है। कांग्रेस विधायक आदित्य सरजेवाला ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राज्य के 93 ब्लॉकों में पीने के पानी की गुणवत्ता में पिछले तीन वर्षों में भारी गिरावट आई है।

आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा के 142 ब्लॉकों में से 88 ब्लॉकों में भूजल का औसत Total Dissolved Solids (TDS) स्तर 500 mg/L की सुरक्षित सीमा से अधिक पाया गया है। चिंताजनक बात यह है कि 35 ब्लॉकों में TDS का स्तर 1,000 mg/L या उससे अधिक दर्ज किया गया है। 2022 की तुलना में राज्य का औसत TDS स्तर 658 mg/L से बढ़कर 737 mg/L हो गया है।

सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र

रिपोर्ट के अनुसार, पलवल और नूह जिले सबसे गंभीर स्थिति में हैं। पलवल में औसत TDS स्तर तीन वर्षों में 74% बढ़कर 1,636 mg/L हो गया है। वहीं, नूह के इन्द्री ब्लॉक में TDS का स्तर 1,974 mg/L तक पहुँच गया है, जो 2022 के स्तर से लगभग दोगुना है। कुछ क्षेत्रों में तो यह स्तर 9,553 mg/L तक पहुँच गया है, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत घातक है।

पानी की गुणवत्ता में यह निरंतर गिरावट भविष्य में राज्य में गंभीर स्वास्थ्य संकट और जल संघर्ष को जन्म दे सकती है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि हरियाणा की नहर प्रणाली के बावजूद, फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल, पंचकुला और यमुनानगर जैसे प्रमुख जिले अभी भी 100% भूजल पर निर्भर हैं। नहर आधारित जल आपूर्ति की योजनाओं का क्रियान्वयन न होने के कारण भूजल का अत्यधिक दोहन हो रहा है, जिससे खारापन और प्रदूषण बढ़ रहा है।

क्षेत्र (Block)2022 TDS स्तरवर्तमान TDS स्तरबदलाव (%)
पलवल (Palwal)940 mg/L1,636 mg/L+74%
नूह (Indri Block)~987 mg/L1,974 mg/L~100%
Did You Know?: TDS (Total Dissolved Solids) पानी में घुले हुए खनिज, नमक और धातुओं की मात्रा को दर्शाता है। बहुत अधिक TDS वाला पानी स्वाद में कड़वा होता है और किडनी की समस्याओं का कारण बन सकता है।

Frequently Asked Questions

1. हरियाणा के कितने ब्लॉकों में पानी की गुणवत्ता खराब है?
हरियाणा के 142 में से 93 ब्लॉकों में पानी की गुणवत्ता में गिरावट आई है।

2. स्वीकार्य TDS सीमा क्या है?
पीने के पानी के लिए सुरक्षित TDS सीमा आमतौर पर 500 mg/L तक मानी जाती है।