आम आदमी पार्टी ने दिल्ली सचिवालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया है, जिसमें सरकार पर स्कूली छात्राओं के लिए साइकिल खरीद योजना में ₹40 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है।

  • AAP ने 1.3 लाख साइकिलों की खरीद में ₹40 करोड़ के गबन का आरोप लगाया है।
  • दावा है कि ₹4,000 वाली साइकिलें ₹7,000 प्रति यूनिट की दर से खरीदी गईं।
  • पार्टी ने शिक्षा मंत्री आशीष सूद के तत्काल इस्तीफे की मांग की है।
  • भाजपा ने इस विरोध प्रदर्शन को AAP की आंतरिक हताशा बताया है।

नई दिल्ली में सोमवार को राजनीतिक पारा तब चढ़ गया जब आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली सचिवालय के पास एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने वर्तमान सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि सरकारी स्कूल की छात्राओं के लिए साइकिल खरीद योजना में लगभग ₹40 करोड़ का घोटाला किया गया है।

यह विवाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा मार्च में पेश किए गए वार्षिक बजट से जुड़ा है, जिसमें कक्षा IX की 1.3 लाख छात्राओं को ड्रॉपआउट रोकने के लिए मुफ्त साइकिलें वितरित करने हेतु ₹90 करोड़ आवंटित किए गए थे। हालांकि इस योजना की शुरुआत 31 जुलाई को 3,000 छात्रों को साइकिल बांटकर की गई, लेकिन AAP का आरोप है कि टेंडर की शर्तों को खास कंपनियों को लाभ पहुँचाने के लिए तैयार किया गया था।

आरोपों का मुख्य आधार

AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने घोटाले का विस्तृत ब्यौरा देते हुए कहा कि बाजार में ₹4,000 (प्लस टैक्स) में मिलने वाली साइकिल को सरकार ने ₹7,000 में खरीदा। भारद्वाज के अनुसार, 1.3 लाख साइकिलों की इस संख्या के आधार पर सरकार और ठेकेदारों ने मिलकर लगभग ₹40 करोड़ का कमीशन खाया है।

सार्वजनिक कल्याण योजनाओं में खरीद लागत का इस तरह का कृत्रिम रूप से बढ़ाया जाना अक्सर प्रशासनिक अधिकारियों और निजी ठेकेदारों के बीच गहरे गठजोड़ की ओर इशारा करता है।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह टकराव केवल साइकिल की कीमत के बारे में नहीं है, बल्कि दिल्ली में 'भ्रष्टाचार विरोधी' छवि की लड़ाई है। शिक्षा मंत्री आशिष सूद को निशाना बनाकर AAP खुद को पारदर्शिता के चैंपियन के रूप में पुनः स्थापित करना चाहती है, जबकि भाजपा इसे राजनीतिक हताशा के रूप में पेश कर रही है।

मामला तब और बिगड़ गया जब AAP नेताओं ने दावा किया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उनसे मिलने से इनकार कर दिया। इसके बाद पार्टी ने घोषणा की है कि वह मंगलवार को उपराज्यपाल (LG) से मुलाकात करेगी और इस मामले के साथ-साथ अन्य कथित घोटालों पर कार्रवाई की मांग करेगी। AAP का आरोप है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने शिकायत के बावजूद FIR दर्ज नहीं की है।

दूसरी ओर, भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह कुछ मुट्ठी भर कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन है, जो अरविंद केजरीवाल की 11 साल की विफलताओं और झूठे विज्ञापनों से उपजी हताशा को दबाने की कोशिश है। कपूर ने इसे 'हिट-एंड-रन' राजनीति करार दिया।

विवरण बाजार दर (दावा) सरकारी खरीद दर
प्रति साइकिल लागत ₹4,000 + टैक्स ₹7,000
कुल मात्रा लागू नहीं 1.3 लाख यूनिट
अनुमानित नुकसान/कमीशन लागू नहीं ~₹40 करोड़
क्या आप जानते हैं?: भारत में साइकिल वितरण योजनाएं ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में लड़कियों के स्कूल नामांकन अनुपात (GER) को बढ़ाने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक मानी जाती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. AAP के विरोध प्रदर्शन का मुख्य लक्ष्य कौन है?
इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य लक्ष्य शिक्षा मंत्री आशीष सूद और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का प्रशासन है।

p>2. इन आरोपों पर भाजपा की क्या प्रतिक्रिया है?
भाजपा का कहना है कि ये आरोप निराधार हैं और केवल AAP की अपनी पिछली शासन विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए लगाए गए हैं।