तेलंगाना में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन के दौरान बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) पर काम का अत्यधिक बोझ बढ़ गया है। भीड़ को नियंत्रित करने और सत्यापन प्रक्रिया को तेज करने के लिए अब 'समूह सुनवाई' (Group Hearings) का सहारा लिया जा रहा है।
- प्रत्येक BLO को लगभग 1,000 नोटिस वितरित करने हैं, जिससे घर-घर जाकर सत्यापन करना कठिन हो गया है।
- पंजीकरण कार्यालयों में भीड़ कम करने के लिए वार्ड कार्यालयों में 'समूह सुनवाई' की व्यवस्था की गई है।
- राज्य भर में 92 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं, जिनमें से 34 लाख शहर के हैं।
तेलंगाना में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन ने बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) के कंधों पर अभूतपूर्व बोझ डाल दिया है। ये जमीनी कार्यकर्ता, जिनमें से कई स्वास्थ्य कार्यकर्ता या अन्य सरकारी कर्मचारी हैं, अब लाखों मतदाताओं को नोटिस वितरित करने की कठिन जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इस अभियान का पैमाना विशाल है, जिसमें राज्य भर में लगभग 92,87,577 मतदाताओं को नोटिस दिए जा रहे हैं, जिनमें से 34,47,342 केवल शहर के क्षेत्रों से हैं।
यह प्रक्रिया अत्यंत थका देने वाली है। एक BLO को न केवल नोटिस देना होता है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना होता है कि मतदाता काउंटरफॉयल पर हस्ताक्षर करे और अपना मोबाइल नंबर दे। वितरण के सत्यापन के लिए, BLO को मतदाता के साथ एक सेल्फी लेनी होती है और उसे तुरंत भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के मोबाइल ऐप पर अपलोड करना होता है। यह डिजिटल प्रक्रिया जवाबदेही तो सुनिश्चित करती है, लेकिन पहले से ही थके हुए कर्मचारियों के लिए प्रशासनिक काम को और बढ़ा देती है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि वर्तमान रणनीति सख्त समय सीमा को पूरा करने के लिए 'प्रशासनिक शॉर्टकट्स' पर निर्भर है। घर-घर जाने के बजाय मतदाताओं को नोटिस लेने के लिए बुलाना उन लोगों को हाशिए पर धकेल सकता है जो आने-जाने में असमर्थ हैं। BLOs पर निर्भरता—जो अपनी नियमित नौकरियों के साथ चुनाव ड्यूटी कर रहे हैं—अंतिम मतदाता सूची में त्रुटियों का कारण बन सकती है, जिससे लोकतांत्रिक भागीदारी प्रभावित हो सकती है।
निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (EROs) पर दबाव कम करने के लिए, प्रशासन ने 'समूह सुनवाई' (Group Hearings) लागू की है। ये सुनवाई सामुदायिक भवनों या वार्ड कार्यालयों में आयोजित की जाती हैं, जिसकी अध्यक्षता सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी करते हैं। मतदाताओं को अपनी पात्रता साबित करने के लिए 12 निर्दिष्ट दस्तावेजों में से कोई एक लाना होता है। यहाँ तक कि जिन लोगों ने पहले ही BLO को दस्तावेज दे दिए हैं, उन्हें भी उपस्थिति दर्ज कराने और समूह फोटो के लिए आना अनिवार्य है।
"इतने बड़े पैमाने के कार्य के लिए पर्याप्त जनशक्ति की कमी जमीनी कार्यकर्ताओं को 'घर-घर' जाने के जनादेश से समझौता करने के लिए मजबूर करती है, जिससे पात्र मतदाता छूट सकते हैं।"
परिचालन संबंधी तनाव स्पष्ट है। रिपोर्टों के अनुसार, यदि किसी BLO के अपने क्षेत्र में नोटिस कम हैं, तो उन्हें अन्य मतदान केंद्रों के नोटिस भी सौंपे जा रहे हैं, जिससे उनका कोटा 1,000 तक पहुँच जाता है। इस स्थिति ने BLOs को मजबूर किया है कि वे घर जाने के बजाय मतदाताओं को नोटिस लेने के लिए बुलाएं, जो इस 'गहन' संशोधन के मूल उद्देश्य को ही विफल करता है।
अर्थशास्त्री और पत्रकार राम मनोहर रेड्डी ने इस प्रक्रिया की अक्षमता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नोटिसों के अव्यवस्थित ढेर के कारण एक विशिष्ट फॉर्म खोजने में ही 15 से 20 मिनट लग जाते हैं। यह व्यवस्थित छंटनी की कमी संशोधन प्रक्रिया की व्यापक योजना की विफलता को दर्शाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: मतदाता संशोधन के संदर्भ में समूह सुनवाई क्या है?
समूह सुनवाई वार्ड कार्यालयों में आयोजित केंद्रीकृत सत्यापन बैठकें हैं ताकि मुख्य पंजीकरण कार्यालयों में भीड़ कम हो और दस्तावेजों का सत्यापन तेजी से हो सके।
BLOs इसलिए संघर्ष कर रहे हैं क्योंकि उन्हें प्रति व्यक्ति 1,000 तक नोटिस संभालने होते हैं, डिजिटल अपलोड (सेल्फी) करने होते हैं, और यह सब अपनी नियमित सरकारी नौकरियों के साथ करना होता है।