मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा के वर्चस्व को बनाए रखने के लिए दोहरी रणनीति का खुलासा किया है, जिसमें टीएमसी की लोकतांत्रिक हार और सीपीआई(एम) की वापसी को रोकना शामिल है।

  • सीएम सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी की लोकतांत्रिक हार और सीपीआई(एम) की वापसी रोकने पर जोर दिया।
  • नंदीग्राम में 32 नई सड़कों का निर्माण और अगले साल मार्च तक रेलवे स्टेशन शुरू करने का वादा।
  • आयुष्मान भारत सहित लगभग 300 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की घोषणा।
  • नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े हजारों कानूनी मामलों को वापस लेने का आश्वासन।

पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के गठन के तीन महीने बाद, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को राज्य में सत्ता बरकरार रखने के लिए पार्टी के दोहरे दृष्टिकोण को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि लक्ष्य "टीएमसी को लोकतांत्रिक तरीके से हराना और यह सुनिश्चित करना है कि सीपीआई(एम) की वापसी न हो"।

नंदीग्राम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, अधिकारी ने कहा कि नंदीग्राम उनकी प्राथमिकता बना हुआ है। उन्होंने कहा, "आपने मुझे फिर से चुना, और मैं लगभग साढ़े तीन महीने से मुख्यमंत्री के रूप में सेवा कर रहा हूं। एक सरकार के लिए यह बहुत लंबा समय नहीं है, फिर भी 32 नई सड़कों का निर्माण और नवीनीकरण किया जा रहा है।" उन्होंने आगामी उपचुनाव में भाजपा के लिए रिकॉर्ड जीत सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि अधिकारी अब केवल विरोध की राजनीति से हटकर 'सुशासन' के मॉडल की ओर बढ़ रहे हैं। आयुष्मान भारत और अन्नपूर्णा योजना जैसी केंद्रीय योजनाओं को स्थानीय बुनियादी ढांचे से जोड़कर, भाजपा टीएमसी के जमीनी नेटवर्क को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। यह रणनीति यह साबित करने के लिए है कि भाजपा न केवल चुनाव लड़ सकती है, बल्कि प्रभावी ढंग से शासन भी कर सकती है।

नंदीग्राम रेलवे परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री ने अपनी पूर्ववर्ती प्रतिद्वंद्वी ममता बनर्जी पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि 2021 के चुनावों में हारने के बाद ममता बनर्जी ने इस परियोजना में देरी की। अधिकारी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है और उन्होंने वादा किया कि अगले साल मार्च तक वह स्वयं नंदीग्राम रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़ेंगे।

2007 के आंदोलन के पुराने कानूनी मामलों को सुलझाना उन लोगों का समर्थन हासिल करने की एक सोची-समझी चाल है जिन्होंने कभी भूमि अधिग्रहण का विरोध किया था।

सामाजिक कल्याण की बात करते हुए, मुख्यमंत्री ने लगभग 300 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की घोषणा की। उन्होंने 'स्वास्थ्य साथी' कार्ड पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना और आयुष्मान भारत के तहत अब दिल्ली एम्स, टाटा कैंसर अस्पताल और सीएमसी वेल्लोर जैसे शीर्ष अस्पतालों में इलाज संभव होगा। साथ ही, अन्नपूर्णा योजना के तहत 67,000 महिलाओं के खातों में 3,000 रुपये स्थानांतरित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने 2007 के नंदीग्राम हिंसा से प्रभावित परिवारों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मृतकों के मृत्यु प्रमाण पत्र और रोजगार से संबंधित लंबित मुद्दों को उनकी सरकार ने हल किया है। उन्होंने घोषणा की कि स्थानीय लोगों के खिलाफ दर्ज हजारों मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, ताकि जनता को कानूनी उत्पीड़न से मुक्ति मिल सके।

क्या आप जानते हैं?: 2007 का नंदीग्राम आंदोलन बंगाल की राजनीति में एक निर्णायक मोड़ था, जिसने भूमि अधिग्रहण के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध देखा और अंततः 34 साल के वामपंथी शासन के पतन में भूमिका निभाई।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: सुवेंदु अधिकारी द्वारा बताए गए 'दोहरे दृष्टिकोण' का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है टीएमसी को लोकतांत्रिक तरीके से हराना और साथ ही यह सुनिश्चित करना कि सीपीआई(एम) फिर से सत्ता में न आए।

प्रश्न 2: नंदीग्राम के लिए कौन सी स्वास्थ्य सुविधाएं घोषित की गईं?
सीएम ने रीपारा ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र में बिस्तरों की संख्या 30 से बढ़ाकर 60 करने, एक नया पुलिस मोर्चरी खोलने और जिला अस्पताल में 'मातृ माँ' भवन के निर्माण की घोषणा की।