इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) ने कथित मतदाता धोखाधड़ी की जांच के लिए 5 मिलियन डॉलर तक के खर्च से एक राष्ट्रीय मतदाता डेटाबेस बनाने की घोषणा की है। यह कदम गोपनीयता और संघीय बनाम राज्य अधिकारों पर एक नई बहस छेड़ सकता है।
- ICE एक राष्ट्रीय मतदाता डेटाबेस बनाने के लिए 5 मिलियन डॉलर का अनुबंध जारी कर रहा है।
- इस डेटाबेस में सभी 50 राज्यों के मतदाता पंजीकरण और मतदान इतिहास की जानकारी शामिल होगी।
- विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि राजनीतिक संबद्धता का डेटा शामिल होने से मतदाताओं की गोपनीयता का उल्लंघन हो सकता है।
- यह कदम ट्रंप प्रशासन के चुनावी अखंडता और DHS के बड़े जांच अभियान का हिस्सा है।
इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ जारी किया है, जिसमें कथित मतदाता धोखाधड़ी का पता लगाने के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय मतदाता डेटाबेस बनाने हेतु 5 मिलियन डॉलर तक के अनुबंध की योजना का खुलासा किया गया है। इस पहल का उद्देश्य होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशन (HSI) को धोखाधड़ी का पता लगाने और डेटा विश्लेषण में सहायता प्रदान करना है।
दस्तावेज़ के अनुसार, ICE शुरू में कुछ विशिष्ट राज्यों से सार्वजनिक मतदाता पंजीकरण फ़ाइलें प्राप्त करने की योजना बना रहा है, लेकिन सफल ठेकेदार के पास सभी 50 राज्यों से डेटा प्राप्त करने की क्षमता होनी चाहिए। इसमें न केवल मतदाता पंजीकरण, बल्कि सामान्य, प्राथमिक और विशेष संघीय चुनावों का मतदान इतिहास भी शामिल होगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि अनुबंध अधिकारी द्वारा लिखित निर्देश दिया जाता है, तो इसमें मतदाताओं की राजनीतिक पार्टी से संबद्धता का डेटा भी शामिल किया जा सकता है, जो गोपनीयता के अधिकार पर गंभीर सवाल उठाता है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम केवल डेटा संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अमेरिकी संघीय ढांचे में राज्यों की स्वायत्तता और नागरिक गोपनीयता के बीच एक बड़े संघर्ष का संकेत है। यदि संघीय एजेंसियां राज्यों के चुनावी डेटा पर नियंत्रण प्राप्त कर लेती हैं, तो यह भविष्य के चुनावों की प्रक्रिया को मौलिक रूप से बदल सकता है।
मतदाता पंजीकरण डेटा का केंद्रीकरण नागरिक स्वतंत्रता और संघीय बनाम राज्य अधिकारों के बीच एक खतरनाक कानूनी युद्ध की शुरुआत कर सकता है।
यह प्रयास डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) और ट्रंप प्रशासन के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य आगामी चुनावों से पहले चुनावी प्रक्रियाओं की जांच करना है। हालांकि, कई राज्यों और अदालतों ने पहले भी अनरिएक्टेड वोटर रोल्स की मांग को खारिज कर दिया है। विस्कॉन्सिन के गवर्नर टोनी एवर्स ने इसे 'मजाक' बताते हुए कहा कि मतदान एक राज्य का मुद्दा है, संघीय नहीं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
ICE पहले भी बड़े पैमाने पर डेटा संग्रह के लिए भारी निवेश कर चुका है। जुलाई में, एजेंसी ने 'CLEAR' डेटाबेस तक पहुंच के लिए थॉमसन रॉयटर्स को 125 मिलियन डॉलर देने की योजना बनाई थी, जो सोशल मीडिया प्रोफाइल से लेकर ड्राइविंग लाइसेंस तक का डेटा रखता है। इसके अलावा, पिछले वर्ष भी DHS और अन्य एजेंसियों द्वारा सामाजिक सुरक्षा और आयकर डेटा को क्रॉस-रेफरेंस करने की कोशिशें देखी गई थीं।
| विशेषता | मौजूदा राज्य प्रणाली | प्रस्तावित ICE डेटाबेस |
|---|---|---|
| डेटा का नियंत्रण | राज्य सरकारें | संघीय एजेंसी (ICE) |
| डेटा का दायरा | राज्य-विशिष्ट | राष्ट्रीय (सभी 50 राज्य) |
| मुख्य उद्देश्य | चुनाव प्रबंधन | धोखाधड़ी जांच और निगरानी |
Frequently Asked Questions
1. क्या यह डेटाबेस केवल गैर-नागरिकों की जांच के लिए है?
हालांकि उद्देश्य धोखाधड़ी रोकना बताया गया है, लेकिन इसमें सभी पंजीकृत मतदाताओं का डेटा शामिल हो सकता है, जिससे गोपनीयता का जोखिम बढ़ता है।
2. राज्यों ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
कई राज्यों ने इसे संघीय हस्तक्षेप माना है और डेटा साझा करने की मांग का विरोध किया है।