राज राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग की 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया का उपयोग बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाने और चुनावों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है।
- कपिल सिब्बल ने चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को मतदाता सूची में हेरफेर का जरिया बताया।
- झारखंड के गोड्डा जिले में अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाताओं को लक्षित करने का आरोप।
- कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग को 'वोट चोरी आयोग' करार दिया।
- महाराष्ट्र में SIR के बाद 2.06 करोड़ मतदाताओं के नाम कटने का दावा।
राज राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने बुधवार को चुनाव आयोग की 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया पर हमला बोलते हुए इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है ताकि मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर किए जा रहे नाम हटाने (bulk deletions) की प्रक्रिया को रोका जा सके।
सिब्बल ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि झारखंड के गोड्डा जिले में भाजपा एजेंट बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाने की मांग कर रहे हैं, जिनमें से अधिकांश अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वहां के बूथ स्तर के अधिकारियों (BLOs) ने इस मुद्दे पर चिंता जताई है, हालांकि वे राज्य सरकार के अधीन कार्यरत हैं।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यदि मतदाता सूची में हेरफेर के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह भारत की चुनावी अखंडता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर देगा। मतदाता सूची का शुद्ध होना निष्पक्ष चुनाव की पहली शर्त है।
"राजनीति का यह बहिष्कार स्वरूप (Politics of exclusion) सीधे तौर पर मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों पर हमला है।"
यह विवाद तब आया है जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर तीखे हमले किए हैं। कांग्रेस नेताओं ने आयोग को 'भाजपा कुर्सी बचाओ आयोग' और 'वोट चोरी आयोग' जैसे शब्दों से संबोधित किया है।
राहुल गांधी ने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि SIR प्रक्रिया के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची से 2.06 करोड़ से अधिक मतदाताओं को बाहर कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का लक्ष्य किसी भी कीमत पर जीत सुनिश्चित करना है, जिसके लिए वे चुनावी प्रक्रिया में बदलाव करने से नहीं हिचकते।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक नियमित प्रक्रिया है, लेकिन 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) जैसी प्रक्रियाओं का उपयोग अक्सर राजनीतिक विवादों का केंद्र रहा है। विपक्षी दल अक्सर आरोप लगाते रहे हैं कि तकनीकी त्रुटियों या प्रशासनिक निर्णयों के नाम पर विशिष्ट समुदायों के नाम सूची से हटा दिए जाते हैं।
Frequently Asked Questions
1. SIR क्या है?
SIR का अर्थ है 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन', जो चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए की जाने वाली एक गहन प्रक्रिया है।
2. कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से क्या मांग की है?
उन्होंने मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाने की प्रक्रिया पर रोक लगाए।