तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज ने 'थैमामन थंगा मोथिरम' योजना के तहत स्वर्ण अंगूठी टेंडर में 1 पैसे की बोली को लेकर चल रहे विवाद पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने बताया कि टेंडर सोने की कीमत के लिए नहीं, बल्कि अन्य सेवा शुल्कों के लिए था।
- टेंडर केवल मेकिंग चार्ज, पैकेजिंग और परिवहन जैसे अतिरिक्त शुल्कों के लिए था, सोने की कीमत के लिए नहीं।
- जॉयलुक्कास ने सद्भावना के रूप में केवल 1 पैसे का अतिरिक्त शुल्क उद्धृत किया।
- कल्याण ज्वेलर्स ने भी इस कीमत का मिलान किया, जिससे सरकार को सालाना 20-25 करोड़ रुपये की बचत होगी।
- कार्य आदेश 70:30 के अनुपात में दो ज्वेलर्स को दिए गए हैं।
तमिलनाडु सरकार की महत्वाकांक्षी 'थैमामन थंगा मोथिरम थित्तम' (Thaimaman Thanga Mothiram Thittam) योजना को लेकर हाल ही में उठे विवाद पर स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वर्ण अंगूठी योजना के तहत टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी थी और इसमें किसी भी प्रकार का पक्षपात नहीं किया गया है।
विवाद का मुख्य कारण प्रसिद्ध ज्वेलरी ब्रांड जॉयलुक्कास द्वारा टेंडर में केवल एक पैसे का बोली मूल्य उद्धृत करना था। इस पर सफाई देते हुए मंत्री ने बताया कि योजना के दो मुख्य भाग हैं: पहला, सोने की बाजार दर और दूसरा, अन्य सभी संबंधित शुल्क। उन्होंने जोर देकर कहा कि टेंडर सोने की दर के लिए नहीं, बल्कि मेकिंग चार्ज, पैकेजिंग, परिवहन, बीमा और BIS हॉलमार्किंग जैसे अतिरिक्त शुल्कों के लिए निकाला गया था।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि इस तरह की सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है, विशेषकर जब इसमें बड़े कॉर्पोरेट ब्रांड शामिल हों। 1 पैसे की बोली ने जनता और विशेषज्ञों के बीच सवाल खड़े कर दिए थे, लेकिन मंत्री के स्पष्टीकरण से यह स्पष्ट होता है कि यह एक रणनीतिक निर्णय था जिसने राज्य के खजाने को भारी बचत करने का अवसर दिया।
यह टेंडर प्रक्रिया सरकार के लिए एक बड़ी जीत है, क्योंकि इससे सार्वजनिक धन का कुशल प्रबंधन सुनिश्चित हुआ है।
मंत्री के अनुसार, सोने की कीमत इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन द्वारा निर्धारित सुबह की दर के आधार पर तय की जाती है, जो सभी बोलीदाताओं के लिए समान है। जब जॉयलुक्कास ने 1 पैसे की बोली लगाई, तो विभाग ने उनसे संपर्क कर पुष्टि की कि यह कोई टाइपिंग त्रुटि तो नहीं है। कंपनी ने जवाब दिया कि वे इस योजना को बिना किसी लाभ के उद्देश्य के, केवल एक 'सद्भावना संकेत' (goodwill gesture) के रूप में कर रहे हैं।
इस प्रक्रिया के तहत, अन्य 10 प्रतिस्पर्धी कंपनियों को भी इस कम दर का मिलान करने का अवसर दिया गया। कल्याण ज्वेलर्स ने भी इस कीमत का मिलान करने की सहमति दी। परिणामस्वरूप, सरकार ने 70% कार्य आदेश जॉयलुक्कास को और शेष 30% कल्याण ज्वेलर्स को आवंटित किया है। इस निर्णय से तमिलनाडु सरकार को प्रति वर्ष लगभग ₹20 से ₹25 करोड़ की बचत होने का अनुमान है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
तमिलनाडु सरकार ने नवजात शिशुओं और माताओं के स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए इस स्वर्ण अंगूठी योजना की शुरुआत की थी। यह योजना सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य देखभाल के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या टेंडर सोने की कीमत के लिए था?
नहीं, टेंडर केवल मेकिंग चार्ज, बीमा और परिवहन जैसे अतिरिक्त शुल्कों के लिए था। सोने की कीमत बाजार दर के अनुसार तय होती है।
प्रश्न 2: सरकार को इस टेंडर से कितनी बचत होगी?
इस पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकार को सालाना लगभग 20 से 25 करोड़ रुपये की बचत होने की उम्मीद है।