लद्दाख के लेह, कारगिल, शम, नुब्रा, चांगथांग, ज़ांस्कर और द्रास में अब स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषदें (LAHDC) स्थापित की गई हैं। यह कदम स्थानीय शासन को विकेंद्रीकृत कर लोगों की भागीदारी को बढ़ाएगा।
- सभी सात जिलों में LAHDC का गठन
- स्थानीय विकास में जनता की भागीदारी बढ़ेगी
- केंद्रीय सरकार के साथ नई संवाद प्रक्रिया शुरू
लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर विनै कुमार सैक्सेना ने गुरुवार को सभी सात जिलों के लिए स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (LAHDC) की घोषणा की, जिससे क्षेत्र में स्थानीय शासन का ढांचा विस्तारित होगा। यह निर्णय "जनता को सशक्त बनाने" के उद्देश्य से लिया गया है।
पहले केवल लेह और कारगिल में लागू LAHDC मॉडल अब शम, नुब्रा, चांगथांग, ज़ांस्कर और द्रास सहित सभी जिलों में लागू होगा। इस विस्तार से स्थानीय प्राथमिकताओं को जिला‑स्तर की योजना में बेहतर रूप से प्रतिबिंबित किया जा सकेगा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
1995 में लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद अधिनियम के तहत पहली बार पहाड़ी परिषदें स्थापित की गई थीं। तब से केवल दो जिलों में ही चुनाव हुए थे, जबकि नई जिलों की रचना 2024 में हुई थी। इस नई घोषणा से 1995 के मूल ढांचे को पूर्णता मिल रही है।
केंद्रीय सरकार ने 2024 में लद्दाख में पाँच नए जिले बनाए थे, जिससे प्रशासनिक इकाइयों की संख्या सात हो गई। इन जिलों में प्रतिनिधित्व, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय संसाधन प्रबंधन की माँगें बढ़ रही थीं, जिसे अब LAHDC के माध्यम से संबोधित किया जाएगा।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that extending autonomous councils to all districts strengthens grassroots democracy, reduces bureaucratic delays, and aligns Ladakh’s development with the Sixth Schedule aspirations of its indigenous communities.
"स्वायत्त परिषदें लद्दाख के सामाजिक‑आर्थिक विकास की दिशा को स्थानीय जरूरतों के साथ तालमेल में लाएंगी," कहा गया है एक राजनीतिक विश्लेषक ने।
परिषदों में 26 सीधे चुने गए काउंसिलर होंगे, जो अपने बीच से एक मुख्य कार्यकारी काउंसिलर का चयन करेंगे। उनके पास भूमि आवंटन, रोजगार सृजन, स्वास्थ्य‑सैनिटेशन, स्थानीय सड़कों और सार्वजनिक परिवहन जैसी महत्वपूर्ण शक्तियां होंगी।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: नई परिषदों के चुनाव कब आयोजित होंगे?
उत्तर: राजस्व विभाग के अधीन सेक्शन 8 के तहत आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होने के बाद, चुनाव जल्द ही निर्धारित किए जाएंगे।
प्रश्न 2: क्या ये परिषदें मौजूदा जिला प्रशासन को बदलेंगी?
उत्तर: नहीं, परिषदें स्थानीय विकास और योजना में सहयोगी भूमिका निभाएंगी, जबकि जिला प्रशासन के कार्य जारी रहेंगे।