भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस नेता रशीद अल्वी के बयान को ‘डिमागी नक्सल’ मानसिकता का प्रमाण कहा। उन्होंने राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सीईओ नियुक्ति को लेकर कांग्रेस की निंदा की।
- भाजपा ने कांग्रेस को एंटी‑आर्मी और एंटी‑राम मंदिर कहा
- सुधांशु त्रिवेदी ने रशीद अल्वी के बयान को नक्सलवादी बताया
- राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सीईओ नियुक्ति पर राजनीतिक टकराव जारी
नई दिल्ली, 3 सितंबर 2026 – भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज कांग्रेस पार्टी को ‘एंटी‑आर्मी’ और ‘एंटी‑श्री राम मंदिर’ मानसिकता वाला आरोप लगाया। यह टिप्पणी भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के पूर्व सांसद रशीद अल्वी के बयान के जवाब में की, जिसमें अल्वी ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले सीईओ के रूप में एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त) की नियुक्ति पर सवाल उठाए थे।
त्रिवेदी ने कहा, अल्वी का बयान भारतीय सेना और राम मंदिर के प्रति अपमानजनक रवैये को दर्शाता है और इसे ‘डिमागी नक्सल’ मानसिकता का प्रमाण माना गया। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के नेता अक्सर प्राचीन भारतीय इतिहास को नकारते रहे हैं, जैसे कि उन्होंने प्रभु श्री राम को काल्पनिक कहा और अयोध्या के अस्तित्व को अस्वीकार किया।
भाजपा ने यह आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट स्ट्राइक के प्रमाण मांगे और भारत के सेना प्रमुख को ‘सड़कछाप गुंडा’ कहा। त्रिवेदी ने यह भी कहा कि कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धु ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख क़मर बज्जा को गले लगाया, जिससे पार्टी की राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता पर सवाल उठते हैं।
रशीद अल्वी ने कहा कि महमूद ग़ज़नी ने मंदिर लूटने के लिए आया था, पर त्रिवेदी ने इसे ‘बाएँपंथी बकवास’ कहा और कहा कि ग़ज़नी, घोरी और बाबर ने मंदिर नष्ट करने के लिये आए थे, न कि लूटने के लिये। यह बयान दोनों पक्षों के बीच ऐतिहासिक और धार्मिक संवेदनाओं को और अधिक जटिल बना रहा है।
क्यों यह महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यह विवाद न केवल दो प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच सत्ता संघर्ष को उजागर करता है, बल्कि राष्ट्रीय पहचान, सैन्य सम्मान और धार्मिक स्थलों की संवेदनशीलता को भी प्रभावित करता है। ऐसे बयान चुनावी माहौल को तीखा बनाते हैं और सामाजिक विभाजन को बढ़ा सकते हैं।
"राजनीतिक बयानबाज़ी में धार्मिक और राष्ट्रीय प्रतीकों को हथियार बनाना लोकतंत्र के लिए जोखिमपूर्ण है," कहा राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह ने।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: रशीद अल्वी कांग्रेस में अभी भी कौन सी भूमिका निभाते हैं?
उत्तर: वे वर्तमान में कांग्रेस के किसी भी आधिकारिक पद या प्रवक्ता नहीं हैं, परन्तु वे पार्टी के भीतर स्वतंत्र आवाज़ के रूप में सक्रिय हैं।
प्रश्न 2: क्या इस विवाद का चुनावी परिणामों पर असर पड़ेगा?
उत्तर: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धार्मिक और राष्ट्रीय मुद्दे अक्सर वोटर व्यवहार को प्रभावित करते हैं, इसलिए यह विवाद आगामी चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।