कर्नाटक राज्य सहकारी एपेक्स बैंक के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव 10 सितंबर को होंगे। यह चुनाव मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बीच सत्ता संघर्ष के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
- एपेक्स बैंक के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव 10 सितंबर को संपन्न होंगे।
- चुनाव की अधिसूचना गुरुवार को जारी कर दी गई है।
- मुख्य दावेदारों में के.एन. राजन्ना और एस. रवि के नाम शामिल हैं।
- केएमएफ (KMF) चुनाव भी जल्द ही आयोजित किए जाने की संभावना है।
बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति में हलचल पैदा करने वाले कर्नाटक राज्य सहकारी एपेक्स बैंक के चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। लंबे समय से राजनीतिक खींचतान और सत्ता संघर्ष का केंद्र बने इस बैंक के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए मतदान 10 सितंबर को निर्धारित किया गया है। गुरुवार को आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई, जिससे राज्य के सहकारी क्षेत्र में राजनीतिक समीकरणों के बदलने के संकेत मिल रहे हैं।
यह चुनाव केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि कांग्रेस के भीतर दो दिग्गज नेताओं—पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और वर्तमान मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार—के बीच शक्ति संतुलन का एक बड़ा परीक्षण है। पिछले कुछ समय से एपेक्स बैंक का पद दोनों गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई का मैदान बना हुआ था।
राजनीतिक दावेदारी और समीकरण
पार्टी सूत्रों के अनुसार, मधुगिरी से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री के.एन. राजन्ना और एमएलसी एस. रवि इस दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वे इस महत्वपूर्ण पद पर परिवार के सदस्यों को नहीं देखना चाहते हैं। चूंकि श्री रवि मुख्यमंत्री के रिश्तेदार माने जाते हैं, इसलिए राजन्ना की दावेदारी अधिक मजबूत दिखाई दे रही है। यदि विपक्षी दल भाजपा या जनता दल (सेकुलर) कोई उम्मीदवार नहीं उतारते हैं, तो यह चुनाव निर्विरोध संपन्न हो सकता है।
एपेक्स बैंक का चुनाव कर्नाटक के सहकारी ढांचे में कांग्रेस के आंतरिक शक्ति संतुलन को तय करेगा।
KMF चुनावों पर भी टिकी निगाहें
एपेक्स बैंक के साथ-साथ, कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) के अध्यक्ष पद का चुनाव भी चर्चा में है। पूर्व में, मुख्यमंत्री के भाई डी.के. सुरेश और सिद्धारमैया समर्थित के. राघवेंद्र हितनाल के बीच प्रतिद्वंद्विता के कारण यह चुनाव टल गया था। BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि पार्टी नेतृत्व अब पारिवारिक संबंधों के बजाय निष्ठा और प्रशासनिक क्षमता को प्राथमिकता दे रहा है। सूत्रों के अनुसार, मालोर के कांग्रेस विधायक और कोलार मिल्क यूनियन के अध्यक्ष के.वाई. नंजगौड़ा इस दौड़ में प्रबल दावेदार हो सकते हैं।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
इससे पहले, पूर्व भाजपा विधायक बेली प्रकाश का कार्यकाल समाप्त होने के बाद, कांग्रेस अपने एक साझा उम्मीदवार को आगे बढ़ाने में विफल रही थी। विभिन्न नेताओं की महत्वाकांक्षाओं और गुटीय संघर्ष के कारण चुनाव को स्थगित करना पड़ा था, जिसने सहकारी संस्थाओं में राजनीतिक हस्तक्षेप की चर्चाओं को तेज कर दिया था।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: एपेक्स बैंक चुनाव कब होंगे?
उत्तर: कर्नाटक राज्य सहकारी एपेक्स बैंक के चुनाव 10 सितंबर को निर्धारित हैं।
प्रश्न 2: इस चुनाव में मुख्य दावेदार कौन हैं?
उत्तर: मुख्य रूप से के.एन. राजन्ना और एस. रवि के नामों की चर्चा है।