इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान की शक्ति को कमतर बताते हुए कहा है कि वहां की मौजूदा सरकार का पतन अब बहुत करीब है। यह बयान आगामी चुनावों के महत्वपूर्ण मोड़ पर आया है।
- नेतन्याहू ने ईरान को 'पहले से कहीं अधिक कमजोर' बताया।
- इजरायल ने ईरान के शासन परिवर्तन को 'पहुंच के भीतर' कहा।
- यह बयान अक्टूबर में होने वाले इजरायल के आम चुनावों से ठीक पहले आया है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ एक अत्यंत आक्रामक रुख अपनाते हुए दावा किया है कि ईरान की वर्तमान धार्मिक शासन व्यवस्था अब अपने सबसे कमजोर दौर में है। नेतन्याहू ने संकेत दिया कि ईरान की सत्ता को उखाड़ फेंकना अब इजरायल और उसके सहयोगियों के लिए 'पहुंच के भीतर' है।
यह बयान एक ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। दशकों से, नेतन्याहू ने ईरान के कट्टरपंथी पा clergy-led शासन को इजरायल के अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया है। फरवरी के अंत में, इजरायल ने संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ एक संयुक्त सैन्य कार्रवाई की शुरुआत की थी, जिसने इस क्षेत्र की भू-राजनीतिक स्थिति को पूरी तरह से बदल दिया है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows कि नेतन्याहू का यह बयान केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह इजरायल के आगामी 27 अक्टूबर को होने वाले आम चुनावों के लिए एक रणनीतिक कदम भी हो सकता है। घरेलू राजनीति में खुद को एक मजबूत और निर्णायक नेता के रूप में पेश करने के लिए वे ईरान के मुद्दे का उपयोग कर रहे हैं।
ईरान के शासन के पतन का दावा करना न केवल इजरायल के लिए बल्कि वैश्विक तेल आपूर्ति और सुरक्षा के लिए भी एक अत्यंत संवेदनशील विषय है।
ऐतिहासिक रूप से, इजरायल और ईरान के बीच 'छाया युद्ध' (Shadow War) दशकों से चला आ रहा है। हालांकि, हालिया सैन्य गतिविधियों ने इसे सीधे टकराव की स्थिति में ला खड़ा किया है। अमेरिका के साथ मिलकर की गई हालिया कार्रवाइयों ने ईरान की रक्षा क्षमताओं को गंभीर चोट पहुंचाई है, जिससे नेतन्याहू के इस दावे को बल मिलता है।
Historical Background
ईरान और इजरायल के बीच दुश्मनी 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से गहरी हुई है। तब से, ईरान ने इजरायल विरोधी एजेंडा अपनाया है, जबकि इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए कई गुप्त और प्रत्यक्ष ऑपरेशन किए हैं।
Frequently Asked Questions
1. नेतन्याहू का यह बयान कब आया है? यह बयान अक्टूबर में होने वाले इजरायल के आम चुनावों से ठीक पहले दिया गया है।
2. ईरान और इजरायल के बीच हालिया सैन्य संबंध कैसे रहे हैं? फरवरी में दोनों देशों के बीच अमेरिका के सहयोग से बड़ी सैन्य गतिविधियां देखी गई थीं।